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देश में 13वां सबसे सूखा मानसून

मानसून-2026 सीजन सामान्य से 12.6 प्रतिशत कम बारिश के साथ खत्म हुआ

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43% जिलों में 20 से 72 प्रतिशत तक कम बारिश

नईदिल्ली, एजेंसी। देशभर में इस बार का मानसून 13वां सबसे सूखा सीजन रहा। पिछले 11 वर्षों में यह सबसे कम बारिश वाला मानसून रहा है। हालांकि, सीजन खत्म होने से पहले हुई तेज बारिश के कारण बारिश की कमी में 2.5 प्रतिशत का सुधार हुआ। मानसून-2026 सीजन सामान्य से 12.6 प्रतिशत कम बारिश के साथ खत्म हुआ।
देश के 43 प्रतिशत जिलों में 20 से 72 प्रतिशत तक कम बारिश हुई। सबसे ज्यादा पंजाब में 41 प्रतिशत कम बारिश हुई। वहीं राजस्थान में करीब 22 प्रतिशत कमी दर्ज की गई। इनके अलावा 9 राज्यों में भी औसत से कम बारिश हुई। पूर्वी भारत में ओडिशा में सामान्य से 30 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई।

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आखिरी हफ्ते 2.5% कमी पूरी हुई
मानसून की विदाई से पहले सितंबर के आखिरी हफ्ते में सामान्य से 50 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई। एक हफ्ते पहले मानसून की बारिश सामान्य से 15 प्रतिशत कम थी, लेकिन सीजन खत्म होते समय यह कमी घटकर 12.6 प्रतिशत रह गई। मानसून के 122 दिनों में से 77 दिन कोई न कोई मौसमी सिस्टम बना रहा। इससे बारिश होती रही और सीजन के अंत में कमी 12.6 प्रतिशत पर सीमित रही। अल नीनो के कारण सीजन शुरू होने से पहले सूखे की आशंका जताई गई थी, लेकिन एक-दो राज्यों को छोड़कर स्थिति उतनी खराब नहीं रही।

मप्र : 2-3 दिन में मानसून की विदाई, अब केवल बूंदाबांदी के ही आसार

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भोपाल। मध्यप्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई 2 से 3 दिन में हो सकती है। मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, 3 दिन तक नमी की वजह से बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन किसी भी जिले में भारी बारिश का अनुमान नहीं है। इधर, एमपी में मानसूनी पीरियड खत्म हो गया है। दक्षिण-पश्चिम मानसून का पीरियड 1 जून से 30 सितंबर तक माना जाता है। आखिरी एक सप्ताह में अति भारी या भारी बारिश नहीं हुई। इस वजह से प्रदेश के 55 में से 30 जिलों में सामान्य बारिश का कोटा पूरा नहीं हुआ है। भोपाल, ग्वालियर समेत 25 जिलों में ही कोटा फुल हुआ है।

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