जलप्रदाय व्यवस्था में कसावट, खरगोन से आए सूर्यवंशी को सौंपी कमान, शिवम दुबे को हटाया

उज्जैन। शहर की जलप्रदाय व्यवस्था को बेहतर बनाने और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग की कार्यप्रणाली में कसावट लाने के लिए विभागीय स्तर पर बदलाव किए गए हैं। खरगोन से आए राहुल सूर्यवंशी को कार्यपालन यंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, सहायक यंत्री ललित लोदवाल को गंभीर का जिम्मा सौंपा गया है। राजीव गायकवाड़ को उपखंड-2 में पदस्थ किया गया है, लेकिन रोचक पहलू यह है कि वे इस माह अंत में रिटायर होने वाले हैं।
अब तक कार्यपालन यंत्री का प्रभार शिवम दुबे के पास था, लेकिन दुबे की कार्यप्रणाली को लेकर जनप्रतिनिधियों में नाराजगी थी। जनप्रतिनिधियों के फोन अटेंड नहीं करने के कारण यह नाराजगी उस समय सामने आई थी जब पार्षद हेमंत गेहलोत ने पीपलीनाका से गढ़कालिका जाने वाले मार्ग पर गड्ढे में भरे गंदे में पानी में बैठकर धरना दिया था। पार्षद के कहने पर दुबे को खुद वहां पहुंचना पड़ा था। गेहलोत ने दो टूक शब्दों में कह दिया था कि जब तक दुबे खुद यहां नहीं आएंगे तब तक वे धरने से नहीं उठेंगे क्योंकि उनके क्षेत्र की जनता भी देखे कि वो कौन अधिकारी है जो पार्षद का फोन नहीं उठाता।
गंभीर पर निगम प्रशासन ‘गंभीर’
गंभीर की व्यवस्थाओं को लेकर निगम प्रशासन गंभीर दिखाई दे रहा है, क्योंकि सहायक यंत्री ललित लोदवाल को गंभीर उपखंड-3 का प्रभार सौंपा गया है। इस बदलाव के बाद संबंधित क्षेत्र में जलप्रदाय व्यवस्था और उससे जुड़ी समस्याओं के निराकरण की जिम्मेदारी उनके पास रहेगी। लोदवाल भी बाहर से आए हैं, लेकिन 10 साल पहले वे उज्जैन में सब इंजीनियर के रूप में कार्य कर चुके हैं। राजीव गायकवाड़ को उपखंड-2 में भेजा गया है।
अभी उनके पास टैंकर व्यवस्था का प्रभार है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने फिलहाल टैंकर प्रभार किसी अन्य अधिकारी को नहीं सौंपा है। दिलचस्प बात यह है कि गायकवाड़ 30 अक्टूबर को सेवानिवृत्त होने वाले हैं।
वर्तमान में शहर के सामने पेयजल को लेकर संकट दिखाई दे रहा है। गंभीर डेम में इस बार पानी नहीं है। इस कारण नर्मदा का 180
एमएलडी पानी रोज लिया जा रहा, जिससे डेम का जल स्तर यथावत बना हुआ है। निगम प्रशासन पानी बचाने को लेकर भी सििक्रय हो गया है। नई व्यवस्था जलप्रदाय व्यवस्था नियंत्रित करने के रूप में देखी जा रही है।






