महाकाल भक्त ध्यान दें! शरद पूर्णिमा से बदलेगा तीन आरतियों का समय
उज्जैन। उत्सव प्रेमी शहर उज्जैन में नवरात्र और दशहरा निपटने के बाद अब शरद पूर्णिमा और करवा चौथ की तैयारी शुरू हो गई है। शरद पूर्णिमा इस बार दो दिन 25-26 अक्टूबर को रहेगी। इस हिसाब से शरदपूर्णिमा के कार्यक्रम भी दो दिन रहेंगे। पूर्णिमा से ही श्री महाकालेश्वर मंदिर की ्रतीन आरतियों का समय बदलेगा। सिर्फ भस्मार्ती और शयन आरती पुराने समय पर होगी। २९ अक्टूबर को करवा चौथ रहेगी।
उज्जैन में शरद पूर्णिमा उत्सव यूं तो पूरे शहर में मनता है, पर उज्जैन शहर में पीर मत्स्येंद्रनाथ और कड़छा में गुरु टेकचंद की समाधि पर बड़े कार्यक्रम होते हैं। योगीराज मत्स्येंद्रनाथ शरदोत्सव समिति से जुड़े पूर्व निगम अध्यक्ष सोनू गेहलोत ने बताया कि मत्स्येंद्रनाथ जी की समाधि पर दो दिनी कार्यक्रम होंगे। 25 अक्टूबर की शाम सुंदरकांड होगा। 26 अक्टूबर की शाम पीपलीनाका से चादर चल समारोह निकलेगा। यह रात 8 बजे समाधि स्थल पहुंचेगा। यहां चादर चढ़ाई जाएगी, फिर सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। रात 11 बजे से खीर प्रसादी का वितरण किया जाएगा।
गुरु टेकचंद की समाधि पर 215 वें उत्सव की धूम
कड़छा स्थित अखिल भारतीय दामोदरवंशीय जूना गुजराती दर्जी समाज के गुरु टेकचंद की समाधि पर 215 वें उत्सव की धूम रहेगी। दो दिवसीय आयोजन 26-27 अक्टूबर को होगा। 26 को शुरुआत गुरुदेव की आरती और महाप्रसादी से होगी। दोपहर 3 बजे से चल समारोह एवं पालकी यात्रा निकलेगी। रात 12 बजे महाआरती होगी। 27 अक्टूबर की सुबह फिर से महाप्रसादी का आयोजन होगा। कार्यक्रम में आष्टा की सद्गुरु मां कृष्णा, बदनावर के ओमप्रकाश टेलर और वृंदावन के हरिओम महाराज शिरकत करेंगे। इस दिन से ऋतु परिवर्तन के कारण श्री महाकाल मंदिर में होने वाली तीन आरतियों के समय में भी बदलाव होगा। इनमें से एक आरती अपने पूर्व समय से आधा घंटे पहले और दो आधा घंटे बाद होंगी।
नए शहर में आए बाबा महाकाल, पुष्पवर्षा से स्वागत
उज्जैन। दशहरे पर बाबा महाकाल की सवारी नए शहर (फ्रीगंज) आई। पालकी पर पुष्पवर्षा कर जगह-जगह स्वागत किया गया। दशहरा मैदान में कलेक्टर रौशनकुमार सिंह ने बाबा का पूजन किया। फिर सवारी श्री महाकालेश्वर मंदिर लौट गई।







