प्रभारी मंत्री अचानक उठे और सीएम को ये बात याद दिलाई…

मुख्यमंत्री की घोषणा : जूना सोमवारिया में बनने वाले थाने का नाम वाल्मीकिधाम पुलिस थाना होगा, यात्री निवास भी बनेगा
ग्रामीण क्षेत्र में मकानों की रजिस्ट्री सरकार कराएगी
593 करोड़ लागत के विकास कार्यों का भूमिपूजन, एक ब्रिज का लोकार्पण
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। वाल्मीकि धाम में सोमवार शाम सीएम डॉ. मोहन यादव ने 593 करोड़ लागत के विकास कार्यों का भूमिपूजन और एक ब्रिज का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री जब भाषण दे रहे थे और सभी अतिथियों के नाम ले रहे थे तब प्रभारी मंत्री अचानक अपने स्थान से उठे और कहा राज्यसभा सदस्य बालयोगी उमेशनाथ जी का नाम भूल गए हैं। सीएम ने तुरंत कहा उनका नाम तो शुरू में ही लिया न! उनके नाम के बिना कोई काम ही नी चले।
शिप्रा परिक्रमा के बाद वाल्मीकिधाम से जुड़ा और उनके नेतृत्व में ही वाल्मीकि जी कि गौरव गाथा का गुणगान कर रहे हैं। सोहनदास जी महाराज की समाधि को भी नमन करता हूं। बाद में सीएम ने यह भी घोषणा की कि वाल्मीकिधाम परिसर में धर्मशाला, यात्री निवास बनेगा और सुरक्षा के लिए रिटर्निग वॉल भी बनेगी। जुना सोमवारिया में बनने वाले थाने का नाम वाल्मीकिधाम पुलिस थाना होगा।
सिंहस्थ मेला प्राधिकरण अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल, मध्यप्रदेश गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष ओम जैन, यूडीए अध्यक्ष डॉ. रवि सोलंकी, नगर निगम अध्यक्ष कलावती यादव, यूडीए उपाध्यक्ष अमित श्रीवास्तव, सदस्य दुर्गा बिलोटिया, रवि वर्मा, सुशीला जाटवा भी मंचासीन थीं। महापौर कार्यक्रम में नहीं थे।
सीएम ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के मकानों की, प्रॉपर्टी की कीमत दो कौड़ी की होती है। इस कारण हमारी सरकार ने तय किया है कि उनकी रजिस्ट्री होगी और सरकार इसके लिए पैसा भी देगी। यूडीए अध्यक्ष को संबोधित करते हुए कहा कि रवि तुम्हारे मकान की भी रजिस्ट्री होगी, लेकोड़ा में रजिस्ट्री नहीं है न। उन्होंने कहां शहर में कई लोगों के मकान और दुकान टूटे हैं ,इसलिए सरकार की तरफ से हरसंभव मदद की जाएगी। बड़े काम में सबको सहयोग करना है। नजरअली मिल या कवेलू कारखाना में उचित जगह पर व्यापारियों के लिए कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा।
गौतम टेटवाल बोले मुख्यमंत्री तो योगेश्वर हैं…
प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल ने अपनी शैली में भाषण दिया। कहा कल से मुख्यमंत्री के साथ रहा। आधी रात तक कार्यक्रमों में रहे और सुबह नियमित योग आसन भी किए। वे योगी नहीं योगेश्वर हैं। हालांकि प्रवाह में वे डॉ. जटिया को जाटिया बोल गए और राजा हरिश्चंद्र को भी भगवान हरिश्चंद्र कहा।
पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. जटिया ने अपने माइक से दिया भाषण!
पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. जटिया डायस पर जब अपना भाषण देने आए तो साथ में कार्ड केस माइक लाए और उसी से अपना भाषण दिया। हालांकि माइक कार्यक्रम स्थल का ही था, लेकिन संचालन करने वाले ने उनसे डायस पर आने का अनुरोध भी किया था। डॉ. जटिया ने कहा उज्जैन विकास प्राधिकरण शिप्रा और कालीसिंध को पार कर लखुंदर नदी तक पहुंच गया और मां बगुलामुखी मंदिर का भी विकास कार्य कर रहा है, ये बड़ी बात है।
महापौर की कुर्सी खाली पड़ी रही…
महापौर की कुर्सी खाली पड़ी रही। वे मुख्यमंत्री की अगवानी करने सदावल हेलीपैड तो पहुंचे लेकिन वाल्मीकिधाम में आयोजित कार्यक्रम में नहीं पहुंच सके, इस कारण उनकी कुर्सी खाली रही। बताया गया कि वे कडड़ा में टेकचंद समाधि के लिए निकल गए। इससे कई लोगों की निगाहें खाली कुर्सी पर लगी रहीं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के आगमन के समय रोड शो के दौरान रथ से उतार देने के कारण वे नाराज हो गए थे। इसी कारण मंच पर रखी खाली कुर्सी पर कई लोगों की निगाहें रहीं।
जब इतना कर रहे हैं तो ताली बजा ही सकते हैं…
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अफसरों को खुले मंच से कहा सरकार अपने स्तर पर काम कर रही है, लेकिन सिंहस्थ क्षेत्र में लोगों की मदद करें। कोई नक्शा पास कराना चाहे तो कीजिए, बैंक लोन दिलाएं, जो करना हो करें लेकिन सरकार और समाज समान रूप से मिलकर काम करें। विकास हमारे राज्य की सीमा तक होना चाहिए। सब इस भाषण पर मुग्ध हो गए तब कहा जब इतना कर रहे हैं तो ताली तो बजा ही सकते हैं। मुख्यमंत्री की इस सादगी ने सभी का दिल जीत लिया और खुशी से तालियां गूंज उठीं।
नाम बदलने के चक्कर में रातोंरात बदले 3 शिलालेख
कालियादेह महल के पास 18.43 करोड़ की लागत से शिप्रा नदी पर बने ब्रिज का लोकार्पण भी मुख्यमंत्री ने किया। रविवार शाम लोकार्पण ा शिलालेख बनकर तैयार ही गया था, लेकिन रात को ब्रिज का नाम आबुहाऊ (आबूखाना) उचित न लगने के कारण वरिष्ठ स्तर पर निर्देश आया कि नाम बदलकर कालियादेह महल के पास ब्रिज किया जाए। इस पर रातोंरात इसके सहित लोक निर्माण विभाग के तीन शिलालेख पत्रिकाएं बदली गईं और ब्रिज का नाम आबुहाऊ ब्रिज हटाकर कालियादेह महल के पास किया गया। इसके सहित विभाग के दो अन्य कार्यों की शिलालेख पत्रिकाएं भी बदली गईं।
गुरु टेकचंद जी समाधि स्थल का एक करोड़ रुपए से होगा विकास
शरद पूर्णिमा पर कड़छा स्थित गुरु धाम में दामोदरवंशीय जूना गुजराती दर्जी समाज के आराध्य गुरु टेकचंद जी का 215वां समाधि पर्व श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरु धाम पहुंचे और समाधि स्थल पर पुष्प अर्पित कर दर्शन किए। मुख्यमंत्री ने धर्मस्थल के विकास के लिए एक करोड़ रुपए देने की घोषणा भी की। दो दिवसीय आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में समाजजन और श्रद्धालु शामिल होने पहुंचे हैं।









