AI से सीखी शराब बनाने की प्रक्रिया, घर में केमिकल से तैयार की नकली शराब

चंदाना-बिंजाना शराब कांड में नया खुलासा
इंदौर से केमिकल बेचने वाला आरोपी गिरफ्तार, लाइसेंसी शराब की पेटियों में मिलाकर गांवों तक पहुंचाई गई नकली शराब
अक्षरविश्व न्यूज देवास। चंदाना-बिंजाना में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में पुलिस जांच के दौरान नकली शराब तैयार करने से लेकर उसे गांवों तक पहुंचाने वाले नेटवर्क की परतें खुल रही हैं। पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी अजय राठौर ने शराब बनाने की प्रक्रिया जानने के लिए सितंबर के अंतिम सप्ताह में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) टूल पर सर्च किया था। इसके बाद इंदौर से केमिकल मंगवाकर घर में नकली शराब तैयार की गई। इस मामले में अब केमिकल बेचने वाले इंदौर निवासी अमन कासलीवाल को भी गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि उसने बिना जांच-पड़ताल किए चंद रुपयों के लालच में आरोपियों को केमिकल बेच दिया। पुलिस के मुताबिक इसी केमिकल का इस्तेमाल नकली शराब बनाने में किया गया। अब तक मामले में 10 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस केमिकल की आपूर्ति, नकली शराब के निर्माण और उसकी बिक्री से जुड़े नेटवर्क की जांच कर रही है।
कोतवाली थाना प्रभारी शशिकांत चौरसिया ने बताया कि मामले में 26 अक्टूबर को आबकारी अधिनियम में प्रकरण दर्ज किया गया था। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण में नकली शराब बनाने, उसे लाइसेंसी शराब के साथ मिलाने और गांवों तक पहुंचाने से जुड़े तथ्य सामने आए हैं। पुलिस अब केमिकल की खरीद, शराब तैयार करने की प्रक्रिया और सप्लाई नेटवर्क की कडिय़ां जोड़ रही है।
उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपी अजय राठौर इंदौर के पुवाड्ल्या दाई क्षेत्र का निवासी है। उसने 27-28 सितंबर से घर पर शराब बनाने की प्रक्रिया के संबंध में एआई टूल पर कई बार सर्च किया। इसके बाद 1 अक्टूबर को इंदौर के दवा बाजार स्थित सनराइज ब्रदर्स के कार्यालय के माध्यम से महावीर मार्केट, लोहा मंडी के गोदाम से केमिकल बुक कराया। यह केमिकल 1-2 अक्टूबर के दौरान अजय के घर पहुंचाया गया। पुलिस इस खरीद और आपूर्ति से जुड़े दस्तावेजों तथा संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
कबाड़ की बोतलों में तैयार किया मिश्रण
जांच के अनुसार अजय ने अपने घर पर नकली शराब तैयार की। इसमें लोहार पिपल्या निवासी गोविंद ने भी कथित तौर पर सहयोग किया। पुलिस का कहना है कि कबाडिय़ों से जुटाई गई खाली बोतलों में केमिकल और पानी का मिश्रण भरकर उन्हें शराब की बोतलों जैसा रूप दिया गया। बोतलों के ढक्कन जुटाने में सत्येंद्र ओझा की भूमिका की जानकारी भी पूछताछ में सामने आई है। पुलिस अजय के अलावा गोविंद और गदईश्या पिपल्या निवासी रामेश्वर की भूमिका की भी जांच कर रही है।
लाइसेंसी शराब की पेटियों में मिलाकर की सप्लाई
थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपियों ने क्षिप्रा और भाड़ा पिपल्या क्षेत्र की वाइन शॉप से लाइसेंसी शराब की पेटियां कथित तौर पर अवैध तरीके से हासिल कीं। इन पेटियों को गांवों और आसपास के क्षेत्रों में बेचने के दौरान नकली शराब की बोतलें भी मिला दी जाती थीं। इस तरह असली शराब के साथ नकली शराब की बिक्री किए जाने की आशंका सामने आई है। प्रारंभिक पूछताछ में 6-7 अक्टूबर से 11-12 अक्टूबर के बीच इस शराब की बिक्री किए जाने के तथ्य मिले हैं। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि कितनी मात्रा में नकली शराब तैयार की गई और किन-किन स्थानों तक इसकी सप्लाई हुई।
वाइन शॉप से जुड़े लोगों के नाम भी सामने आए
थाना प्रभारी ने बताया कि पूछताछ में चंदाना की सरकारी वाइन शॉप से जुड़े विनोद जायसवाल के साथ जितेंद्र मालवीय और राहुल गिरी गोस्वामी के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, जितेंद्र और राहुल को आरोपी बनाया गया है तथा उनकी गिरफ्तारी के लिए टीम रवाना की गई है। मामले में लाइसेंसी दुकानों से शराब की पेटियां उपलब्ध कराने, उनकी अवैध बिक्री और नकली शराब को उनमें मिलाने के आरोपों की अलग-अलग जांच की जा रही है। संबंधित व्यक्तियों की भूमिका साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट की जाएगी।
गोदाम सील करने की कार्रवाई, जुटाए जा रहे साक्ष्य
पुलिस ने केमिकल की आपूर्ति से जुड़े इंदौर के गोदाम और दवा बाजार स्थित कार्यालय के संबंध में कार्रवाई शुरू की है। जांच में अजय, गोविंद और रामेश्वर के घर से भी साक्ष्य जुटाए हैं। केमिकल, बोतलों के ढक्कन, खाली बोतलों और शराब की बरामदगी सहित अन्य सामग्री की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि केमिकल कहां से खरीदा गया, उसे किस उद्देश्य से मंगवाया गया और इस पूरे नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
मौतों के मामले में एसआईटी कर रही जांच
चंदाना में हुई मौतों को लेकर पुलिस की जांच अलग से जारी है। थाना प्रभारी ने बताया कि मौतों से संबंधित दो प्रकरण सिविल लाइन थाने में पहले से दर्ज हैं और उनकी जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। हालांकि, मौतों का नकली शराब से सीधा संबंध और शराब में इस्तेमाल किए गए केमिकल की भूमिका जांच के निष्कर्षों तथा अन्य साक्ष्यों से स्पष्ट होगी। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जहरीली शराब से मौतों पर भड़के परिजन, केस दर्ज करने की मांग
देवास। चंदाना-बिंजाना सहित आसपास के क्षेत्रों में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में मृतकों के परिजन अब आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराने की मांग को लेकर सामने आए हैं। मंगलवार रात कांग्रेस नेताओं के साथ पीडि़त परिवारों के सदस्यों और ग्रामीणों ने सिविल लाइन थाने पहुंचकर आवेदन दिया। इसमें 15 लोगों के नाम देते हुए शराब की अवैध बिक्री में शामिल विक्रेताओं, सप्लायरों और अन्य कथित आरोपियों के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास का प्रकरण दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की मांग की गई। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि कुछ मृतकों का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पोस्टमार्टम कराए बिना ही अंतिम संस्कार करा दिया गया। परिजन ने आशंका जताई कि मामले से जुड़े लोगों को बचाने और प्रकरण को दबाने का प्रयास किया गया।
आवेदन में 15 मृतकों के नाम, परिजन ने की कार्रवाई की मांग: परिजन की ओर से दिए गए आवेदन में निर्भय सिंह जाधव (57), निवासी बिंजाना, महेश प्रजापति (36), निवासी राजीव नगर, रमेश परमार (57), निवासी बिंजाना, ओमप्रकाश (45), निवासी बिंजाना, बाबूराम परमार (70), निवासी चंदाना, किशोर परमार (38), निवासी चंदाना, संजय पवार, निवासी चंदाना, मोहन जारोलिया (64), निवासी चंदाना, दीपक रावत (30), निवासी चंदाना, राहुल परमार उर्फ जितेंद्र परमार (33), निवासी चंदाना, सुनील चौधरी, निवासी चंदाना, फूलसिंह परमार (55), निवासी चंदाना, राकेश प्रजापत, निवासी चंदाना, भीमसिंह चौहान (50), निवासी चंदाना और अर्जुन सिंह (44), निवासी मेंढकीचक के नाम शामिल हैं। परिजन ने इन मौतों के लिए जिम्मेदार बताए जा रहे लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने और कथित जहरीली शराब की सप्लाई से जुड़े पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
कांग्रेस ने प्रशासन की निष्क्रियता पर उठाए सवाल
कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष मनीष चौधरी ने कहा कि चंदाना, बिंजाना और मेंढकी क्षेत्र में लगातार ऐसी घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ ढाबों पर कथित तौर पर शराब की अवैध बिक्री हो रही है और भुगतान के लिए क्यूआर कोड का इस्तेमाल किया जा रहा है। उनके अनुसार, उन्हें ऐसे कुछ स्क्रीनशॉट मिले हैं, जिनमें भुगतान राहुल जायसवाल के नाम से होने की बात सामने आती है। उन्होंने इन दावों की जांच कराने की मांग की। कांग्रेस नेता ने शहर में शराब दुकानों के आसपास कथित रूप से संचालित अवैध आहातों का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारियों की निष्क्रियता के कारण ऐसी गतिविधियां चल रही हैं।
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