जहरीली शराब मामले में व्यापारी की गिरफ्तारी पर सियासत तेज

अक्षरविश्व न्यूज देवास। चंदाना-बिंजाना में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में इंदौर के व्यापारी अमन कासलीवाल की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पुलिस ने अमन को पेंट थिनर की बिक्री के मामले में गिरफ्तार किया है। गुरुवार को न्यायालय में पेशी के दौरान उनके पिता और कांग्रेस प्रवक्ता आनंद कासलीवाल भी पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि थिनर की बिक्री बिल और बिल्टी के साथ वैध तरीके से की गई थी। वहीं, भाजपा के पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह ने मामले को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए पार्टी के खर्चों के स्रोत की जांच की मांग की।
आनंद कासलीवाल ने कहा कि उनका परिवार पिछले 25 वर्षों से व्यापार कर रहा है। कारोबार में जीएसटी, आयकर विवरण और ऑडिट सहित सभी निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया जाता है। उन्होंने बताया कि संबंधित केमिकल भी बिल-बिल्टी के साथ बेचा गया था। उनके अनुसार, दिवाली के सीजन में पेंट थिनर की मांग रहती है। एक ड्रम में 220 लीटर केमिकल करीब 7 हजार रुपए में बेचा गया था। उन्होंने कहा कि खरीदार द्वारा माल का दुरुपयोग किए जाने पर व्यापारी को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। हालांकि, उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई स्वीकार करने की बात भी कही।
भूपेंद्र सिंह ने कांग्रेस की फंडिंग पर उठाए सवाल
भाजपा के पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह ने भोपाल में दावा किया कि पुलिस की जांच में अमन कासलीवाल का मामले से जुड़ाव सामने आया है। उन्होंने कहा कि मुख्य आरोपी अज्जू राठौर और उसके साथी गोविंद ने अमन से थिनर का ड्रम खरीदा था। सिंह ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और पार्टी नेतृत्व से आनंद कासलीवाल की भूमिका पर स्पष्टीकरण मांगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि आनंद और अमन कासलीवाल कांग्रेस के कार्यक्रमों और संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं। सिंह ने पार्टी के धरने-प्रदर्शनों, कार्यालय के बिजली बिल और कर्मचारियों के वेतन सहित विभिन्न खर्चों के स्रोत की जांच की मांग भी की। उन्होंने आशंका जताई कि इन खर्चों में जहरीली शराब के कारोबार से अर्जित धन का इस्तेमाल हुआ हो सकता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।









