कम बारिश से देवास में जल संकट की आहट पानी की बर्बादी पर अब लगेगा जुर्माना

43 एमएलडी पानी की जरूरत, जलस्रोतों में कमी के बीच महापौर-आयुक्त ने अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश
अक्षरविश्व न्यूज देवास। कम बारिश और पाइपलाइन में बार-बार लीकेज के कारण शहर में जल संकट की आशंका बढऩे लगी है। कई वार्डों में तीन से चार दिन तक पानी नहीं पहुंच रहा है, जबकि कुछ क्षेत्रों में सप्लाई महज 10 मिनट हो रही है। शहर में प्रतिदिन करीब 43 एमएलडी पानी की जरूरत है। गुरुवार को महापौर गीता दुर्गेश अग्रवाल और निगम आयुक्त दलीप कुमार ने अधिकारियों की बैठक लेकर जल संकट से निपटने और पानी की बर्बादी रोकने के उपायों की समीक्षा की।
आयुक्त ने कहा कि कम बारिश के कारण भूजल का पर्याप्त रिचार्ज नहीं हो पाया है और जलाशय भी पूरी क्षमता से नहीं भर सके हैं। ऐसे में आने वाले समय में जलप्रदाय प्रभावित हो सकता है। उन्होंने नागरिकों को सप्लाई में संभावित बदलाव की जानकारी समय पर देने के निर्देश दिए।
पानी की बर्बादी पर लगेगा जुर्माना
महापौर ने कहा कि नल खुला छोडऩे, वाहन धोने और सड़कों पर पानी बहाने जैसे मामलों में पहले समझाइश दी जाएगी। इसके बाद भी बर्बादी जारी रहने पर जुर्माना लगाया जाएगा। नलों में टोटी नहीं होने और मोटर लगाकर पानी खींचने जैसे मामलों में भी सुधार कराया जाएगा।
लीकेज रोकने के लिए निगरानी
विकास नगर क्षेत्र में नर्मदा पाइपलाइन फूटने से पिछले दिनों करीब 23 वार्ड प्रभावित हुए थे। ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए पाइपलाइन की निगरानी और मरम्मत व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए। पानी के टैंकरों की जांच कर रिसाव वाले टैंकरों की मरम्मत कराई जाएगी। कार वॉशिंग सेंटरों में भी पानी की खपत कम करने के लिए समझाइश दी जाएगी।
बोरिंग और टैंकरों की व्यवस्था होगी
नगर निगम के सार्वजनिक और निजी बोरिंगों की सूची तैयार की जाएगी। पर्याप्त पानी वाले बोरिंगों को उपयोग के लिए तैयार रखा जाएगा। गर्मी में जरूरत को देखते हुए टैंकर, ट्रैक्टर और वाटर लॉरी की व्यवस्था भी पहले से करने के निर्देश दिए गए।
उपचारित पानी के उपयोग पर जोर
गार्डनिंग और निर्माण कार्यों में साफ पानी के बजाय सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से उपचारित पानी के उपयोग पर जोर दिया गया। शिप्रा डैम के जलस्तर की नियमित निगरानी और एनवीडीए से समन्वय बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए। महापौर ने जलप्रदाय प्रभावित होने पर संबंधित पार्षदों को समय पर सूचना देने को कहा, ताकि नागरिकों को स्थिति की जानकारी मिल सके।









