‘कृषि क्रांति’ पेज के एडमिन पर केस

एआई से गढ़े अफसरों के नकली चेहरे, सरकारी साख पर डिजिटल वार
डीपफेक वीडियो बनाकर राष्ट्रीय प्रतीकों और कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
अक्षरविश्व न्यूज इंदौर। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की आड़ में सरकारी तंत्र को कटघरे में खड़ा करने और अफसरों की छवि बिगाडऩे की गहरी साजिश बेनकाब हुई है। कलेक्ट्रेट स्थित किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के उप संचालक संदीप यादव की शिकायत पर पंढरीनाथ पुलिस ने ‘कृषि क्रांति’ नाम के सोशल मीडिया पेज एडमिन के खिलाफ सीधा कानूनी वार करते हुए एफआईआर ठोक दी है।
फेसबुक और इंस्टाग्राम पर सक्रिय इस पेज के कर्ता-धर्ता ने एआई टूल्स का दुरुपयोग कर सरकारी अफसरों से हूबहू मिलते-जुलते चेहरे रचे। इसके जरिए सरकारी दफ्तरों, योजनाओं और राष्ट्रीय प्रतीकों से खिलवाड़ करते हुए बेहद आपत्तिजनक और मानहानिकारक वीडियो तैयार कर वायरल किए गए। शिकायत में साफ किया गया कि कृषि विभाग का इन मनगढ़ंत वीडियो से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है… इसे महज जनता की आंखों में धूल झोंकने और सिस्टम की विश्वसनीयता गिराने की नीयत से परोसा गया।
आईपी लॉग्स-यूआरएल के जरिए कसा शिकंजा
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 356 (1) और आईटी एक्ट की धारा 66 सी व 66 डी के तहत केस दर्ज किया है। अब साइबर एक्सपर्ट्स की मदद से आपत्तिजनक वीडियो के यूआरएल, आईपी लॉग्स और डिजिटल फुटप्रिंट्स खंगाले जा रहे हैं, ताकि सोशल मीडिया के पीछे छिपे जालसाज को बेनकाब किया जा सके।








