शीघ्र दर्शन से 3.50 करोड़ और लड्डू प्रसाद से 2.35 करोड़ रु. की कमाई

सावन के आठ दिन : 29 लाख दर्शनार्थी महाकाल आए, मंदिर प्रबंध समिति की आय में इजाफा
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। 30 जुलाई से शुरू हुए सावन ने श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति को मालामाल कर दिया है। आठ दिन(६ अगस्त) में रिकार्डतोड़ 29 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की आमद से मंदिर को करोड़ों रुपए की कमाई हुई है।
मंदिर समिति से जुड़े आंकड़ों के मुताबिक भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। आठ दिनों में 29 लाख 28 हजार 349 श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन किए। सबसे अधिक लोगों ने सावन सोमवार (3 अगस्त ) को 6 लाख 13 हजार 849 श्रद्धालु मंदिर पहुंचे।
शीघ्र दर्शन से 3.50 करोड़ रुपए की आय: सावन के दौरान भीड़ से बचने के लिए मंदिर में शीघ्र दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी काफी रही। 30 जुलाई से 6 अगस्त के बीच 1 लाख 40 हजार 228 शीघ्र दर्शन टिकट बिके। इनमें 32 हजार 490 टिकट ऑनलाइन और 1 लाख 7 हजार 738 टिकट काउंटर से जारी किए गए। इन आठ दिनो में टिकट बिक्री से मंदिर समिति को 3 करोड़ 50 लाख 57 हजार रुपये की आय हुई।
8 दिन में 497 क्विंटल लड्डू प्रसाद बिका
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ का असर लड्डू प्रसाद की बिक्री पर भी नजर आया। आठ दिनों में कुल 497.439 क्विंटल लड्डू प्रसाद बिका है। इससे 2 करोड़ 35 लाख 26 हजार 650 रुपये की आय मंदिर समिति को हुई।
8 दिनों में दर्शनार्थियों की संख्या
| तारीख | दर्शनार्थियों की संख्या |
|---|---|
| 30 जुलाई | 2,23,542 |
| 31 जुलाई | 2,79,841 |
| 01 अगस्त | 4,19,732 |
| 02 अगस्त | 4,76,109 |
| 03 अगस्त | 6,13,849 |
| 04 अगस्त | 3,17,331 |
| 05 अगस्त | 2,97,649 |
| 06 अगस्त | 3,00,296 |
| कुल | 29,28,349 |
8 दिनों में लड्डू प्रसाद विक्रय
| तारीख | बिक्री (क्विंटल में) | आय (रुपये में) |
|---|---|---|
| 30 जुलाई | 46.225 | 21,84,350 |
| 31 जुलाई | 52.765 | 25,06,100 |
| 01 अगस्त | 69.989 | 33,01,600 |
| 02 अगस्त | 76.010 | 35,90,400 |
| 03 अगस्त | 77.360 | 36,70,800 |
| 04 अगस्त | 63.226 | 29,97,100 |
| 05 अगस्त | 53.318 | 25,13,100 |
| 06 अगस्त | 58.546 | 27,63,200 |
| कुल | 497.439 | 2,35,26,650 |
अक्षया का नृत्य और योगी का गायन महाकाल महालोक में गूंजा
उज्जैन। श्री महाकाल महालोक में चल रही श्री महाकालेश्वर सांस्कृतिक संध्या की चौथी शाम भक्ति और कला के रंग में रंग गई। शुक्रवार को शुजालपुर के जीवन योगी के गायन और उज्जैन की अक्षया परिहार के एकल नृत्य ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
शुरुआत जीवन योगी के शिव भजनों से हुई। उन्होंने शिव तांडव गायन से अपनी प्रस्तुति का शुभारंभ किया। तबले और ढोलक पर देवेंद्र ठाकुर, ऑक्टोपैड पर मुकेश भूतिया तथा कोरस में सत्यभाम विश्वकर्मा ने संगत दी। दूसरी प्रस्तुति उज्जैन की अक्षया परिहार के एकल नृत्य की रही। उन्होंने गणेश वंदना से नृत्य प्रस्तुति का शुभारंभ किया। इसके बाद शिव पंचाक्षर स्तोत्र, भगवान महाकाल के रौद्र स्वरूप की स्तुति, मां हरसिद्धि की देवी स्तुति आदि प्रस्तुत की। शुभारंभ धर्मस्व पुजारी संदीप शर्मा और पुजारी रमण त्रिवेदी ने किया। मंदिर प्रबंध समिति के जनसंपर्क अधिकारी एवं सहायक प्रशासक आशीष फलवाडिया तथा जनसंपर्क प्रभारी नवीन शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया। मंच संचालन सुदर्शन अयाचित ने किया।
11 अगस्त मंगलवार को उज्जैन की आवर्तन संगीत अकादमी द्वारा गायन, उज्जैन के लोकायन कला केंद्र द्वारा समूह नृत्य तथा रीवा की प्रांजल शुक्ला द्वारा एकल नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी।
महाकाल मंदिर में स्तनपान के लिए विशेष कक्ष बनाया
उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने मंदिर आने वाली धात्री माताओं और उनके शिशुओं के लिए विशेष सुविधा शुरू की है। मंदिर परिसर में शिशु आहार कक्ष बनाए गए हैं, जहां माताएं स्वच्छ, सुरक्षित और गोपनीय वातावरण में अपने शिशुओं को स्तनपान करा सकेंगी। यह सुविधा मंदिर परिसर के फैसिलिटी सेंटर, मानसरोवर प्रवेश द्वार और श्री महाकालेश्वर अन्नक्षेत्र में शुरू की गई है।
शुक्रवार को सर्वाधिक दस हजार कांवडि़ए महाकाल आए
उज्जैन। सावन में भगवान श्री महाकालेश्वर के दरबार में काफी संख्या में कांवड़ यात्री पहुंचे। मंदिर समिति के मुताबिक प्रदेश के विभिन्न जिलों और राजस्थान से आई कावड़ यात्राओं में करीब 10 हजार कांवड़ यात्री शुक्रवार को आए। उन्होंने सभा मंडप में बनाए गए जलपात्र के माध्यम से भगवान महाकाल को जल अर्पित कर दर्शन किए। सबसे बड़ी कांवड़ यात्रा बडऩगर से बुद्धेश्वर महादेव मित्र मंडल की रही, जिसमें करीब 5 हजार कांवड़ यात्री थे। इसके अलावा रतलाम, इंदौर और शाजापुर सहित आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु कांवड़ लेकर उज्जैन पहुंचे। राजस्थान के बांसवाड़ा से भी कांवड़ यात्रा महाकाल मंदिर पहुंची।
विशेष मार्ग से प्रवेश: कांवड़ यात्रियों के लिए मंदिर समिति ने गेट नंबर 1 और हरसिद्धि चौराहा स्थित विशेष दर्शन मार्ग से प्रवेश की व्यवस्थ की है। निर्धारित मार्ग से कावड़ यात्री प्रवेश कर सभा मंडप में लगे जलपात्र के माध्यम से भगवान महाकाल को जल अर्पित कर रहे हैं। यह सुविधा सप्ताह में चार दिन मंगलवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को रहेगी।









