अच्छी खबर : ट्रेन में कम से कम चार बोगियां जनरल होंगी

नईदिल्ली, एजेंसी। ट्रेन से सफर करने वाले आम और मध्यम वर्ग के यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। अब मेल और एक्सप्रेस ट्रेन को एलएचबी प्लेटफॉर्म की मानक क्षमता 24 कोच तक विस्तारित किया जाएगा, जिसमें कम से कम छह से आठ स्लीपर और चार जनरल डिब्बे अनिवार्य होंगे।
इस बदलाव के लिए रेलवे जल्द ही लगभग 3,200 लंबी दूरी की मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की संरचना के नए मानक लागू करने जा रहा है। इसके तहत अब सभी ट्रेन में स्लीपर और जनरल डिब्बों की न्यूनतम संख्या अनिवार्य रूप से तय होगी। ट्रेन को 24 डिब्बों के मानक एलएचबी रेक में बदलकर अतिरिक्त कोच जोड़े जाएंगे। रेलवे बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में अधिकांश मेल-एक्सप्रेस ट्रेन में 18 से 22 कोच होते हैं, जिनमें स्लीपर के मात्र चार से छह और जनरल के दो से तीन डिब्बे ही लगे होते हैं। इसके लिए नॉन-एसी डिब्बों का निर्माण युद्धस्तर पर चल रहा है।
9,640 नए नॉन एसी डिब्बों का निर्माण होगा
वित्त वर्ष 2025-26 और 2026-27 में कुल 9,640 नए नॉन एसी डिब्बों (5,455 जनरल और 4,185 स्लीपर) तैयार किए जाएंगे। 4,838 कोच (2,817 जनरल 2,021 स्लीपर) का उत्पादन किया जा चुका और शेष डिब्बे बनाए जा रहे हैं।
भरी गाड़ी में अतिरिक्त डिब्बे तुरंत जोड़े जाएंगे
इस फैसले से व्यस्ततम ट्रेन वैशाली एक्सप्रेस, श्रमजीवी एक्सप्रेस, बिहार संपर्क क्रांति, पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस और अवध-असम एक्सप्रेस में तुरंत अतिरिक्त डिब्बे जोड़े जाएंगे। इससे दिल्ली, सूरत, अहमदाबाद, पुणे और चेन्नई से घर लौटने वाले यात्रियों को वेटिंग लिस्ट से बड़ी राहत मिलेगी।
भारत और रूस के बीच रेल मार्ग पर मंथन शुरू
मॉस्को, एजेंसी। होर्मुज संकट के बीच रूस के उप प्रधानमंत्री मरात खुसनुलिन ने भारत तक पहुंच के लिए रेल मार्ग तलाशने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि बोस्फोरस और होर्मुज से जुड़े जोखिमों को कम करने के लिए रूस को हिंद महासागर तक रेल संपर्क स्थापित करने के विकल्प तलाशने चाहिए। एक साक्षात्कार में खुसनुलिन ने कहा कि हिंद महासागर तक रेल संपर्क पर भी विचार किया जाना चाहिए। बोस्फोरस और होर्मुज से जुड़े खतरे के कारण वैकल्पिक मार्गों की जरूरत पड़ सकती है।









