पंचक्रोशी मार्ग बनेगा ग्रीन कॉरिडोर, 10 फीट के 50 हजार पौधे लग रहे पथ पर

सिंहस्थ की तैयारियां के बीच बन रहे हैं 12 उपवन, ट्री गार्ड्स पर पेंटिंग्स से महाकाल मंदिर और पंचकोशी यात्रा की ब्रांडिंग
उज्जैन। इन दिनों पंचक्रोशी मार्ग को ग्रीन कॉरिडोर के रूप में तैयार किया जा रहा है। मार्ग और उसके आसपास के क्षेत्रों को हरा-भरा, सुंदर और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक अनूठी पहल की है। इस अभियान के तहत पंचक्रोशी मार्ग पर 10 से 12 फीट ऊंचाई वाले लगभग 50 हजार पौधे रोपे जा रहे हैं, जिससे यह पवित्र पथ आने वाले समय में पूरी तरह हरा-भरा नजर आएगा।
पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के लिए पंचक्रोशी मार्ग से सटे गांवों में विशेष तौर पर शांति वन विकसित किए जा रहे हैं। इसके अलावा मार्ग पर कुल 12 उपवन तैया किए जा रहे हैं। यह पूरा अभियान विभिन्न विभागीय मदों के साथ-साथ जनभागीदारी के जरिए यिा जा रहा है, जिससे स्थानीय ग्रामीण और नागरिक भी अभियान से सीधे तौर पर जुड़
गए हैं।
रोपे गए पौधों की सुरक्षा के लिए एस्बेस्टस ट्री गार्ड्स लगाए जा रहे हैं। इन ट्री गार्ड्स की खासियत यह होगी कि इन पर भगवान श्री महाकाल मंदिर एवं पंचक्रोशी मार्ग से जुड़े आकर्षक और मनमोहक चित्रों की ब्रांडिंग की जा रही है। इससे न केवल पौधों को सुरक्षा मिलेगी, बल्कि पूरे मार्ग की सौंदर्य और धार्मिक आभा भी कई गुना बढ़ जाएगी।
स्थानीय समितियों को मिली देखरेख की जिम्मेदारी
प्रशासन ने पौधों के संरक्षण और उनकी नियमित देखरेख की जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायतों, स्थानीय समितियों और गांव के वरिष्ठ नागरिकों को सौंपी है ताकि हर पौधे का उचित लालन-पालन हो सके। इसके साथ ही, पंचकोशी मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाओं को भी दुरुस्त किया जा रहा है। ताकि सिंहस्थ-2028 के दौरान पंचकोशी यात्रा सुगम, सुरक्षित और सुखद अनुभव
दे सके।









