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नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक मामले में हुए चौंकाने वाले खुलासे

सीबीआई का आरोप : तीनों एक्सपर्ट के जरिये बिचौलियों तक पहुंचे थे प्रश्न

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नईदिल्ली, एजेंसी। नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक मामले में सीबीआई के फास्ट ट्रैक कोर्ट में दाखिल आरोपपत्र से चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के तीन विषय विशेषज्ञों ने अनुवाद कार्य के दौरान प्रश्नों को याद कर, संक्षेप में लिखकर और एनसीईआरटी पुस्तकों में संबंधित हिस्से चिह्नित कर प्रश्न लीक करने में अहम भूमिका निभाई।

कोर्ट ने सीबीआई की दलीलें सुनीं। चार्जशीट पर संज्ञान के लिए 10 अगस्त का दिन तय किया है। इसी दिन तीन आरोपियों की लाई डिटेक्टर टेस्ट की मांग पर कोर्ट अपना फैसला सुनाएगा। सीबीआई के आरोप पत्र में एनटीए के तीन विशेषज्ञों पीवी कुलकर्णी (रसायन विज्ञान), मनीषा गुरुनाथ मंधारेे (प्राणी विज्ञान एवं वनस्पति विज्ञान) और मनीषा संजय वाघमारे (भौतिकी) को मुख्य आरोपी बनाया गया है। सीबीआई ने हाल में उस फास्ट ट्रैक कोर्ट के समक्ष आरोप-पत्र दाखिल किया है, जो प्रश्न लीक और सार्वजनिक परीक्षाओं में अन्य अनुचित साधनों के इस्तेमाल से जुड़े आपराधिक मामलों की सुनवाई कर रही है।

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छोटी पर्चियों पर उत्तर लिखे
आरोप पत्र में कहा गया है कि जांच में सामने आया कि इन तीनों विशेषज्ञों को अनुवाद के दौरान लिखने के लिए गोपनीय कक्ष के अंदर सादे कागज उपलब्ध कराए गए थे। आरोपी पीवी कुलकर्णी ने इन कागजों का इस्तेमाल कर छोटी पर्चियों पर रसायन विज्ञान के सभी 135 प्रश्नों और उनके उत्तर विकल्पों को संक्षेप में लिखा और उन्हें छिपाकर बाहर ले गए।

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