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मीना बाजार में दुकान का किराया तीन गुना तक बढ़ा, छोटे व्यापारियों का हिसाब बिगड़ा

पिछले साल 6,300 रुपए में मिली दुकान, इस बार 15 से 18 हजार की मांग

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व्यापारियों का सवाल- इतनी लागत में कारोबार से बचेगा क्या?

अक्षरविश्व न्यूज देवास। नवरात्रि से पहले शहर के मीना बाजार की रौनक बढऩे लगी है, लेकिन मेले में दुकान लगाने वाले छोटे व्यापारियों के लिए इस बार शुरुआत ही महंगी पड़ रही है। पिछले साल जिस दुकान के लिए करीब 6,300 रुपए चुकाने पड़े थे, उसी तरह की दुकान के लिए इस बार 15 से 18 हजार रुपए तक मांगे जा रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि शुल्क बढऩे के साथ सुविधाएं बढऩे के बजाय कई जगह केवल जमीन दी जा रही है। ऐसे में दुकान का किराया, माल, बिजली और कर्मचारियों का खर्च निकालना छोटे कारोबारियों के लिए मुश्किल होगा।

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नगर निगम की 90वीं दशहरा कृषिकला एवं औद्योगिक प्रदर्शनी के लिए पुलिस ग्राउंड स्थित मुख्य मीना बाजार स्थल पर तैयारियां तेज हो गई हैं। दुकानें तैयार की जा रही हैं और झूले लगने शुरू हो गए हैं। निगम की ओर से मुख्य मार्गों पर सजावटी विद्युत व्यवस्था का काम भी चल रहा है। करीब 30 साल से मीना बाजार में दुकान लगाने वाले फुटकर व्यापारी राजू खान ने बताया कि पिछले साल उन्होंने दुकान के लिए 6,300 रुपए दिए थे। इस बार उनसे करीब 18 हजार रुपए मांगे जा रहे हैं। उनका कहना है कि छोटे व्यापारी 7-8 हजार रुपए तक किसी तरह खर्च कर सकते हैं, लेकिन अचानक इतनी बड़ी बढ़ोतरी उनके लिए भारी है। उन्होंने कहा कि पहले टीन और बल्ली लगाकर दुकान तैयार करके दी जाती थी। इस बार 10 बाय 10 फीट की दुकान के लिए सिर्फ जमीन दे रहे हैं।

गमले और आर्टिफिशियल पॉट का कारोबार करने वाले सुरेश कुमार धुरिया पहली बार मीना बाजार में दुकान लगाने पहुंचे थे। पिछले साल की करीब 6,300 रुपए की दर के आधार पर उन्होंने दुकान लगाने की तैयारी की थी, लेकिन 18 हजार रुपए शुल्क की जानकारी मिलने के बाद फिलहाल दुकान लेने से इनकार कर दिया। उनका का कहना है कि दुकान के लिए इतनी राशि देने के बाद माल, परिवहन, बिजली और अन्य खर्च अलग से होंगे। यदि शुल्क 6-7 हजार रुपए के आसपास होता तो वे 20 फीट की दुकान लेकर कारोबार शुरू करने को तैयार थे।

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चाट व्यवसायी संतोष के मुताबिक खुली दुकान के लिए 15 हजार रुपए और चद्दर लगाकर दुकान देने पर 18 हजार रुपए की राशि बताई जा रही है। पिछले साल चाट की दुकान करीब 6,300 रुपए में लगी थी। उनका कहना है कि छोटे खान-पान कारोबारियों के लिए करीब 8 हजार रुपए तक शुल्क उचित रहेगा।

दुकानों का आवंटन देख रहे ठेकेदार के मैनेजर तेजपाल सोनी ने बताया कि मीना बाजार का ठेका राहुल गुर्जर के नाम से हुआ है। 31 लाख रुपए के ठेके पर करीब 6 लाख रुपए जीएसटी सहित कुल राशि लगभग 37 लाख रुपए बैठती है। दुकानों के साथ झूले और अन्य व्यवस्थाओं का खर्च भी इसी में शामिल है। उनके अनुसार मेले में कुल खर्च करीब 60 लाख रुपए तक पहुंचने का अनुमान है। करीब 200 दुकानें लगाई जाएंगी और स्थानीय पुराने दुकानदारों को प्राथमिकता दी जा रही है। फिलहाल मनिहारी की 50-60 दुकानें करीब 5 हजार रुपए में आवंटित की गई हैं। चाट और खान-पान की दुकानों का आवंटन आगामी दिनों में होगा।

महापौर गीता अग्रवाल ने अधिकारियों को 8 अक्टूबर तक मीना बाजार की साज-सज्जा, विद्युत, सफाई, पेयजल और सुरक्षा व्यवस्था पूरी करने के निर्देश दिए हैं। नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए प्रमुख मार्गों पर सजावटी लाइट लगाई जा रही हैं। 7 अक्टूबर से प्रमुख मार्गों पर मल्टीकलर झंडे भी लगाए जाएंगे।

परेशानी को भी ध्यान में रखा जाएगा
महापौर ने कहा कि नवरात्रि को देखते हुए मीना बाजार और शहर की व्यवस्थाएं समयसीमा में पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बिजली, सफाई, पेयजल, सुरक्षा और सजावट पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। दुकानों के शुल्क को लेकर यदि व्यापारियों की ओर से कोई समस्या या आपत्ति सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों से जानकारी लेकर उचित स्तर पर चर्चा की जाएगी। छोटे व्यापारियों की परेशानी को भी ध्यान में रखा जाएगा।

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