3 युवकों ने दी जान, तीनों थे डिप्रेशन में

मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में गुरुवार को आत्महत्या के तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। जान गंवाने वालों में एक नवोदित लॉ स्टूडेंट, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) का एक इंजीनियरिंग छात्र और एक एमपी ऑनलाइन (MP Online) सेंटर का संचालक शामिल हैं।

पुलिस की शुरुआती जांच और परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, इन तीनों ही आत्मघाती कदमों के पीछे अलग-अलग वजहों से उपजा गहरा मानसिक तनाव (Mental Stress) और अवसाद (Depression) सामने आया है। पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर मर्ग कायम कर लिया है और विस्तृत जांच की जा रही है।
1. लाइसेंस (सनद) का इंतजार कर रहा लॉ स्टूडेंट अवसाद में था
पलासिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली बड़ी ग्वालटोली के रहने वाले 27 वर्षीय आदर्श सोलंकी ने गुरुवार को अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी।
- अकेलापन और पारिवारिक पृष्ठभूमि: आदर्श अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। काफी समय पहले उसके माता-पिता का तलाक हो चुका था, जिसके बाद से वह किराए का कमरा लेकर अपने मामा के परिवार के साथ रह रहा था। घटना के वक्त उसकी मां (जो एक निजी स्कूल में शिक्षिका हैं) स्कूल गई हुई थीं।
- करियर का तनाव: आदर्श ने इसी साल अपनी एलएलबी (LLB) की पढ़ाई पूरी की थी और जिला कोर्ट में प्रैक्टिस शुरू कर दी थी। हालांकि, वकालत करने के लिए जरूरी उसकी आधिकारिक सनद (लाइसेन्स) अभी जारी नहीं हो पाई थी। दोस्तों के मुताबिक वह पिछले कुछ समय से गहरे डिप्रेशन में था और उसने लोगों से बातचीत करना काफी कम कर दिया था।
2. एजुकेशन लोन और पढ़ाई के दबाव में था NIT का छात्र
दूसरा मामला हीरानगर थाना क्षेत्र के गौरी नगर का है, जहां 20 साल के युवा छात्र राजकुमार कुशवाह ने फंदे से लटककर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।
- कर्ज का बोझ: मूल रूप से चंपारण (बिहार) का रहने वाला राजकुमार हैदराबाद स्थित प्रतिष्ठित एनआईटी (NIT) में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था। इस उच्च शिक्षा के लिए उसने करीब 6 लाख रुपये का एजुकेशन लोन लिया था।
- तनाव की वजह: फर्स्ट ईयर में पढ़ाई का स्तर ठीक न होने और बैक लगने या पिछड़ जाने के डर से वह काफी तनाव में आ गया था और वापस अपने गांव लौट गया था। कुछ दिन पहले ही उसका एक परिचित हरपाल उसे ढाढस बंधाने के लिए इंदौर लेकर आया था, लेकिन वह कर्ज और पढ़ाई के दोहरे दबाव को बर्दाश्त नहीं कर पाया और गुरुवार को जब हरपाल काम पर गया, तब राजकुमार ने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।
3. पत्नी की मौत के बाद अकेलेपन से जूझ रहा था ऑनलाइन संचालक
तीसरी दुखद घटना आजाद नगर थाना क्षेत्र के मूसाखेड़ी में सामने आई, जहां 45 वर्षीय गजेंद्र (पुत्र माधवलाल) ने अपने घर में फांसी लगा ली। देर रात जब उसके भाई ने गजेंद्र को फंदे पर लटका देखा, तब मामले का खुलासा हुआ। गजेंद्र इलाके में ही एक ‘एमपी ऑनलाइन सेंटर’ चलाता था। परिजनों के अनुसार, करीब डेढ़ साल पहले गजेंद्र की पत्नी की एक गंभीर बीमारी के कारण मौत हो गई थी। जीवनसाथी के चले जाने के बाद से वह गहरे सदमे और मानसिक तनाव में रहने लगा था।
एक जरूरी संदेश (Mental Health Awareness): मानसिक तनाव, अवसाद या करियर का दबाव किसी भी समस्या का अंत नहीं है। यदि आप या आपका कोई परिचित किसी भी प्रकार के मानसिक तनाव या डिप्रेशन से गुजर रहा है, तो कृपया अकेले न रहें। अपने दोस्तों, परिवार से बात करें या शासकीय हेल्पलाइन ‘किरण’ (Kiran Helpline: 1800-599-0019) या अन्य किसी मनोचिकित्सक की मदद जरूर लें। हर समस्या का समाधान बातचीत से संभव है।









