वर्षों से फरार हत्या के दो आरोपी पकड़ाए

एक पर दस हजार और दूसरे पर दो हजार रुपए का इनाम था घोषित

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। हत्या के मामले में वर्षों से फरार बदमाश को महाकाल थाना पुलिस ने सूरत से और दूसरे हत्यारे को बडऩगर पुलिस ने चाय की दुकान से गिरफ्तार किया।
यह था मामला
16 दिसंबर 2016 को ग्राम खरेट निवासी मांगीलाल ने महाकाल थाने में रिपोर्ट दर्ज करई थी कि उनकी मोटरसाइकिल के पास तीन व्यक्तियों को खून से लथपथ देखा था। बाद में उनके अंकल कैलाश का शव बाबूलाल के खेत में पाया गया था, जिनके चेहरे और पेट पर गंभीर चोटें लगी थीं। जांच में पता चला कि यह हत्या पुरानी रंजिश के कारण की गई थी। पुलिस ने इंदर, गोपाल, मुकेश उर्फ संतोष, ओंकार, कमल, सोनू सहित 6 व्यक्तियों के खिलाफ हत्या का प्रकरण किया था।
चाय की दुकान से पकड़ाया बदमाश
पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित स्थानों पर दबिश दी गई। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी अल्ताफ बडऩगर में चाय की दुकान पर बैठा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले जुनेद उद्दीन, रमजान उद्दीन, अनवर उद्दीन, रहीम उद्दीन, मंजूर, कयाम, मोईन और आबिद खां—को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा चुका था। फरार आरोपी अल्ताफ के ऊपर 2 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था।
चार पकड़ाए, दो फरार थे
पुलिस ने गोपाल, इंदर, ओंकार और मुकेश उर्फ संतोष को गिरफ्तार किया था, जबकि कमल और सोनू घटना के बाद से फरार थे। दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसपी ने 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। महाकाल पुलिस आरोपी की लगातार तलाश कर रही थी। अंतत: 24 जनवरी को पुलिस टीम को सूचना मिली कि आरोपी कमलसिंह आंजना सूरत, गुजरात में छिपा है। थाना महाकाल टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए आरोपी को सूरत, गुजरात से गिरफ्तार किया।
एसआई हेमंतसिंह जादौन, एसआई विकास सिंह देवड़ा, प्रधान आरक्षक मनीष यादव, प्रधान आरक्षक सुनील पाटीदार की मुख्य भूमिका रही। इसी प्रकार बडऩगर पुलिस ने हत्या के आरोपी ग्राम लिखोदा निवासी अल्ताफ पिता रशीद को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया 4 दिसंबर 2024 को ग्राम लिखोदा, बडऩगर निवासी युवक ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके भाई रुस्तम के लडक़े पर लडक़ी भगाने का आरोप था। इस रंजिश के चलते, शहजाद, रईस, अफसाना, नहरु उर्फ नारिया, रुस्तम, अल्ताफ सहित अन्य व्यक्तियों ने अश्लील गालियां देकर और धारदार हथियारों एवं लठ्ठों से हमला किया। हमले के दौरान शहजाद की गंभीर चोटों के कारण मौत हो गई।








