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कालिदास समारोह में आमंत्रित 189 चित्रों का निर्णय होगा…

घोषणा और पारितोषिक वितरण का निर्णय करेगा संस्कृति विभाग

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अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन कालिदास समारोह इस वर्ष आयोजित होगा या नहीं, इस बात को लेकर संशय है। हालांकि अकादेमी के टेलीफोन की घंटी देशभर से आ रहे कॉल के कारण सतत घनघना रही है। पूछा जा रहा है कि इस वर्ष मध्यप्रदेश में चुनाव के कारण आयोजन होगा या नहीं? ताकि उन्हे ट्रेन रिजर्वेशन को लेकर परेशान न होना पड़े।
इधर जो जवाब दिया जाता है वह यही दिया जा रहा है कि हमने मध्यप्रदेश शासन से अनुमति मांगी है। अनुमति मिलने पर स्थिति साफ होगी? दूसरी ओर से यह भी पूछा जाता है कि आचार संहित क्या कालिदास समारोह पर लागू होती है? ऐसे अटपटे प्रश्न पर अकादेमी का टेलीफोन अचानक से हैंग हो जाता है।

कालिदास संस्कृति अकादेमी के नवागत निदेशक डॉ.गोविंद गंधे के अनुसार सबसे अधिक फोन आ रहे हैं चित्रकारों/मूर्ति शिल्पकारों के। इस वर्ष भी देशभर से 156 कलाकारों की करीब 189 चित्र/शिल्प आई हैं प्रतियोगिता हेतु। इनके निर्णायक मण्डल का गठन हो चुका था। निर्णय की प्रक्रिया पूर्ण कराई जाएगी। परिणामों की घोषणा एवं पारितोषिक वितरण को लेकर जो निर्देश संस्कृति विभाग,मध्यप्रदेश शासन देगा,उस अनुसार काम करेंगे। कलाकारों की जिज्ञासा को नकारा नहीं जा सकता। उनमें तो उत्सुकता रहेगी ही क्योंकि यह आयोजन अखिल भारतीय स्तर का होता है। इसमें चित्रों का चयन प्रदर्शनी हेतु होना भी अहम बात रहती है।

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विक्रम विवि के कार्यक्रम भी अटके…

चूंकि कालिदास समारोह को लेकर भोपाल स्तर से कोई निर्देश अभी तक नहीं आए हैं,इसलिए विक्रम विवि द्वारा किए जानेवाले आयोजन भी अटके हुए हैं। जबकि विवि द्वारा आयोजित संगोष्ठियों में अखिल भारतीय स्तर पर विद्वान आमंत्रित रहते हैं। विषय भी निर्धारित रहते हैं। ऐसे में विवि में भी उहापोह की स्थिति है। डॉ.गंधे के अनुसार हमने बता दिया है कि हमारा पत्र संस्कृति विभाग के पास है। वहां से जब तक निर्देश नहीं आते,हम कुछ नहीं कर सकते। हमारा होमवर्क करके रखा हुआ है।

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