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हरियाखेड़ी प्रोजेक्ट की टीम ने फोड़ी गंभीर की मेन राइजिंग लाइन, बूस्टिंग नहीं, पुराना शहर पानी को तरसा, टैंकर दौड़े

पीएचई के अफसरों की लापरवाही जारी, माधवनगर रेलवे स्टेशन के सामने भी पाइप लाइन टूटी, नर्मदा जल आया

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। शहर की जल सप्लाई व्यवस्था को बेहतर करने के लिए हरियाखेड़ी प्रोजेक्ट के माध्यम से बिछाई जा रही पाइप लाइन के काम ने ही शुक्रवार को पानी के लिए तरसा दिया। लाइन डलते समय साइड पर सब इंजीनियर के नहीं होने से पोकलेन चालक ने गंभीर की मेन राइजिंग लाइन फोड़ दी। तड़के4.30 बजे पाइप लाइन फूटने से बूस्टिंग नहीं हो सकी और इसके चलते शहर पानी को तरस गया। सबसे ज्यादा प्रभावित पुराना शहर हुआ। माधवनगर रेलवे स्टेशन के सामने भी पाइप लाइन फूटी।

दरअसल, अगले 50 साल की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए सीएम डॉ. मोहन यादव हरियाखेड़ी प्रोजेक्ट लाए हैं। नागार्जुन इंफ्रा लिमिटेड के माध्यम से पूरे शहर में पानी सप्लाई का नया सिस्टम तैयार किया जा रहा है। 1100 करोड़ की राशि जारी कर सीएम डॉ. यादव जितना शहर का ख्याल रख रहे हैं, उनकी योजना को नगर निगम पीएचई के अफसर लापरवाही बरत कर ढेर करने में लगे हुए हैं। शुक्रवार तड़के प्रोजेक्ट के तहत ढाबा रोड पर पाइप लाइन डाली जा रही थी।

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पोकलेन से यह काम किया जा रहा था। कायदे से काम करते समय प्रोजेक्ट सब इंजीनियर को मौके पर होना था लेकिन सब इंजीनियर आशीष जाट और प्रभारी शिवम दुबे दोनों ही मौके से नदारद थे। जिस जगह पाइप लाइन डाली जा रही थी, वह काफी संकरी थी। इसके पास से ही गंभीर की मेन राइजिंग लाइन भी गुजर रही है। पोकलेन चालक ने जब खुदाई शुरू की तो उसने यह ध्यान ही नहीं रखा कि नीचे पाइप लाइन जा रही है। ऐसे में पंजा लगने से लाइन फूट गई और सैकड़ों गैलन पानी बह निकला। यह पानी बूस्टिंग में यूज होना था। बूस्टिंग नहीं होने का असर शहर की जल सप्लाई पर पड़ा और शुक्रवार सुबह कई इलाकों में पानी नहीं पहुंच सका।

लाइन फूटने के बाद मौके पर पहुंचे अपर आयुक्त

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तड़के 4.30 बजे पाइप लाइन फूटने की जानकारी मिलने अपर आयुक्त पवनकुमार सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीएचई के अफसरों से जानकारी ली तो पता चला हरियाखेड़ी प्रोजेक्ट की पाइप लाइन डालते समय सब इंजीनियर आशीष जाट मौके पर नहीं थे। मौके से ही जाट को फोन लगाया गया तो उन्होंने त्रिवेणी की ओर होने की जानकारी दी। इस बीच जब सप्लाई गड़बड़ाने की जानकारी मिली तो एमआईसी मेंबर रजत मेहता और शिवेंद्र तिवारी भी मौके पर पहुंचे।

नर्मदा का पानी गंभीर इंटेकवेल में पहुंचना शुरू

गंभीर डेम में भले ही अभी २५ दिन का पानी शेष हो लेकिन नगर निगम ने एहतियात के तौर पर नर्मदा का पानी लेना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को पाइप लाइन के जरिए नर्मदा का पानी गंभीर में पहुंचना शुरू हो गया। जलकार्य समिति प्रभारी प्रकाश शर्मा ने बताया कि नर्मदा का पानी गंभीर में आना शुरू हो गया है। ऐसे में पानी की उपलब्धता का संकट नहीं है। डिस्ट्रीब्यूशन की समस्या जल्दी ही हल हो जाएगी।

क्या है बूस्टिंग
नगरनिगम 44 टंकियों के माध्यम से शहर में जल सप्लाई करता है। सप्लाई के लिए टंकियां भरी जाती हैं और प्रेशर बनाने के लिए लाइन से अलग से भी पानी छोड़ा जाता है। इसे बूस्टिंग कहते हैं। बूस्टिंग नहीं होने पर पानी प्रेशर से नहीं पहुंचता है।

माधवनगर स्टेशन के सामने भरा पानी

इधर, माधवनगर रेलवे स्टेशन के सामने भी शुक्रवार को पाइप लाइन फूट गई। इसके चलते सड़क पर पानी भर गया। रिपेयरिंग में देरी के कारण काफी देर तक पानी बहता रहा।

कांग्रेस का विरोध सिर्फ प्रेसनोट में
शहर में भले ही जलसंकट गहरा रहा हो लेकिन कांग्रेस का विरोध अभी प्रेसनोट तक सीमित है। कांग्रेस के पार्षद इस मुदद्दे पर भरे हुए हैं लेकिन वह पार्टी की ओर से संकेत नहीं मिलने के कारण डरे हुए हैं। हालांकि, नेता प्रतिपक्ष रवि राय कहते हैं कि कांग्रेस शहर की हर समस्या को प्रमुखता से उठा रही है। पेट्रोल-डीजल के दामों में वृद्धि पर विरोध किया था। जलसंकट पर भी लगातार विरोध जताया जा रहा है। जल समस्या पर पहले पार्षदों को अपने ही वार्डों में प्रदर्शन करना चाहिए।

सब इंजीनियर को नोटिस दे रहे हैं, शहर में टैंकर भेजे हैं…
पाइप लाइन डालते समय मौके पर मौजूद नहीं रहने पर सब इंजीनियर आशीष जाट को शोकाज जारी कर रहे हैं। यह भी देखा गया है पाइप लाइन डालते समय असेसमेंट गलत किया गया था। संकरी जगह थी तो उसे देखना चाहिए था। जहां-जहां सप्लाई प्रभावित हुई है, वहां टैंकर भेजे हैं।
पवनकुमार सिंह, अपर आयुक्त, नगर निगम

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