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राममंदिर चढ़ावा चोरी पर योगी बोले, अपराधी नहीं बचेगा

अयोध्या के प्रसिद्ध राम मंदिर में चढ़ावा राशि की कथित चोरी को लेकर उपजे विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार, 19 जून 2026 को अयोध्या पहुंचे। वहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला और मंदिर न्यास (ट्रस्ट) के कर्मचारियों से जुड़े इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया जा चुका है, जो मामले की पूरी सच्चाई सामने लाएगा। उन्होंने रामभक्तों से संयम बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अनर्गल टिप्पणी से बचने की अपील की है।

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विपक्ष के दोहरे चरित्र पर मुख्यमंत्री का प्रहार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि जो लोग कभी राम का नाम लेने पर गोली चलवाते थे, वे आज रामभक्तों के अपमान की बात कर रहे हैं। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इस दल ने मंदिर निर्माण को रोकने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था और सर्वोच्च न्यायालय में भगवान राम के अस्तित्व पर ही सवाल खड़े कर दिए थे। उन्होंने सपा पर तंज कसते हुए कहा कि कारसेवकों पर गोली चलवाने वाले लोग आज उपदेश दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी के पास इस मामले से जुड़ा कोई भी साक्ष्य (प्रूफ) है, तो वह उसे सीधे जांच दल को सौंप दे। उन्होंने कहा, “500 वर्षों तक मंदिर के लिए संघर्ष करने वाले रामभक्तों से अपील है कि वे मर्यादा का पालन करें और 15 दिन का इंतजार करें, कोई भी दोषी बचेगा नहीं।”

सपा नेताओं ने उठाया था चोरी का मुद्दा, प्रधानमंत्री कार्यालय ने मांगी रिपोर्ट

इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब सपा सरकार में मंत्री रहे पवन पांडेय ने 7 जून 2026 को दावा किया था कि राम मंदिर के चढ़ावे से 5 से 7.5 करोड़ रुपए तक की राशि चोरी हुई है। इसके बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग की थी। हालांकि, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इन आरोपों को शुरुआती तौर पर नकार दिया था। विवाद बढ़ने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता डॉ. रजनीश सिंह ने 9 जून को प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जांच की मांग की, जिसके बाद 10 जून को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने मंदिर ट्रस्ट से मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की थी।

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5 आरोपियों के नाम आए सामने, अब तक 2 करोड़ रुपए बरामद

चढ़ावा चोरी के इस मामले में अब तक मुख्य रूप से 5 लोगों— लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर उर्फ टिन्नू के नाम उजागर हुए हैं। ये सभी आरोपी मंदिर में दान राशि की गिनती करने वाले दल से जुड़े हुए थे। पुलिस ने इनकी निशानदेही पर अब तक लगभग 2 करोड़ रुपए की नकद राशि बरामद कर ली है। इसके अतिरिक्त, 13 जून को ट्रस्ट के कर्मचारी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के आवास पर छापेमारी के दौरान स्वर्ण (सोना) भी बरामद किया गया था, जिसकी सही मात्रा का आकलन अभी किया जा रहा है।

चार दिनों की एसआईटी जांच का लेखा-जोखा

विशेष जांच दल (एसआईटी) इस मामले की तह तक जाने के लिए लगातार पूछताछ कर रही है। पिछले चार दिनों की जांच प्रक्रिया इस प्रकार रही है:

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  • प्रथम दिन: जांच दल ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और आमंत्रित सदस्य गोपाल राव से प्रारंभिक जानकारी जुटाई। संदेह के घेरे में आए 8 से 10 कर्मचारियों को एक कक्ष में बैठाकर करीब 6 घंटे तक पूछताछ की गई।

  • द्वितीय दिन: टीम ने पुनः चंपत राय और गोपाल राव से लगभग 4-4 घंटे तक सघन सवाल-जवाब किए।

  • तृतीय दिन: वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को जोड़ने के लिए जांच दल ने बैंक अधिकारियों और नोटों की गिनती करने वाली निजी एजेंसी के प्रतिनिधियों से पूछताछ की। इस दौरान बैंक खातों के विवरण (स्टेटमेंट) और वित्तीय अभिलेखों की जांच की गई।

  • चतुर्थ दिन: एसआईटी की टीम करीब 10 घंटे तक मंदिर परिसर में मौजूद रही। टीम ने ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र से लगभग 4 घंटे तक पूछताछ की और दान राशि की गिनती, उसके रख-रखाव तथा बैंक में जमा करने की पूरी प्रक्रिया को समझा। इसके साथ ही, आरोपियों की नियुक्ति में उनकी भूमिका को लेकर भी सवाल किए गए। बाद में मुख्य आरोपी टिन्नू यादव से डेढ़ घंटे तक पूछताछ कर डॉ. अनिल मिश्र के बयानों का मिलान (क्रॉस चेक) किया गया।

मुख्य बिंदु

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में घोषणा की कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले का दोषी कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।

  • मुख्यमंत्री ने रामभक्तों से मर्यादा बनाए रखने और एसआईटी की जांच के लिए 15 दिन का समय देने का अनुरोध किया।

  • विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कारसेवकों पर गोली चलवाने वाले आज रामभक्तों के हितैषी बनने का ढोंग कर रहे हैं।

  • मामले में अब तक 5 नाम सामने आए हैं और आरोपियों की निशानदेही पर 2 करोड़ रुपए की रिकवरी की जा चुकी है।

  • एसआईटी ने चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्र, बैंक अधिकारियों और आरोपियों से पूछताछ कर वित्तीय रिकॉर्ड की जांच पूरी कर ली है।

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