अमेरिका-ईरान जंग खत्म होगी, 19 जून को दस्तखत

दुनिया के जहाजों इंजन चालू करो, तेल को बहने दो: ट्रंप
होर्मुज फिर खुलेगा
तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिका और ईरान जंग खत्म करने के लिए शांति समझौते पर राजी हो गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान के साथ समझौता हो गया है। ईरान ने भी बयान जारी किया कि अमेरिका के साथ कई महीनों की लंबी और मुश्किल बातचीत के बाद दोनों देशों ने सीजफायर के एमओयू को अंतिम रूप दे दिया है। ट्रंप ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोला जाएगा। उन्होंने ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी तुरंत हटाने की मंजूरी दे दी। उन्होंने लिखा, ‘दुनिया के जहाजों, अपने इंजन चालू कर लो। तेल को बहने दो।Ó इधर, पाक पीएम शहबाज शरीफ ने कहा कि दोनों देश 19 जून को स्विट्जरलैंड के जेनेवा में पीस डील पर दस्तखत करेंगे।
ईरान ने दस्तखत करने से पहले 3 शर्तें रखीं
ईरान-अमेरिका के बीच हुए समझौते का पूरा दस्तावेज अभी जारी नहीं किया गया है। हालांकि, ईरानी मीडिया के मुताबिक दोनों देशों के बीच हुए समझौता ज्ञापन में कुछ अहम बातें शामिल हैं। इनमें युद्ध और सैन्य कार्रवाई रोकना, होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलना, अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाना, ईरान के कुछ फ्रीज्ड फंड जारी करना, परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों पर अगले 60 दिनों की बातचीत का ढांचा तय करना शामिल है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा है कि एमओयू पर हस्ताक्षर होने के बाद शुरू होने वाली 60 दिन की अमेरिका-ईरान की बातचीत इस बात पर निर्भर करेगी कि अमेरिका पहले अपने तीन वादे पूरे करता है या नहीं। गरीबाबादी के मुताबिक अमेरिका को तीन कदम उठाने होंगे- 1. नौसैनिक नाकेबंदी खत्म करना, 2. युद्ध और सभी सैन्य कार्रवाइयों को रोकना, 3. ईरान के फ्रीज्ड फंड जारी करना।
ईरान को 12 अरब डॉलर दे सकता है अमेरिका
ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच तैयार किए गए 14 पॉइंट वाले मसौदे के तहत अमेरिका बातचीत शुरू होने से पहले ईरान की 12 अरब डॉलर की जमी हुई संपत्तियां जारी करेगा। समझौते में 60 दिन की बातचीत के दौरान कुल 24 अरब डॉलर की ईरानी संपत्तियां जारी करने का प्रावधान है। इनमें से आधी रकम, यानी 12 अरब डॉलर, बातचीत शुरू होने से पहले ईरान को उपलब्ध कराई जाएगी।









