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महाकाल मंदिर मेें पिछले साल की तरह ही मनेगा सावन

जनप्रतिनिधि-समाजसेवी के बिना हुई अफसरों की बैठक मेें सावन-भादौ मास की व्यवस्था तय

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सवारी पारंपरिक मार्ग से ही निकालने की पुष्टि, कुल 6 निकलेंगी, पहली 3 को

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर में सावन भादौ माह की व्यवस्था पिछले साल की तरह ही रहेगी।जिला अधिकारियों ने सावन-भादौ मास दर्शन व्यवस्था, सवारी मार्ग, प्रवेश द्वार से लेकर तमाम मुद्दों पर रविवार को विचार-विमर्श किया। करीब दो घंटे चली मीटिंग में पिछले साल की व्यवस्थाओं को ही अक्षरश: मंजूरी दी। खास बात यह रही कि इस बैठक में सिर्फ अधिकारी थे। जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, धर्मगुरु-संतजन या पंडे-पुजारियों को बुलाया ही नहीं गया था। बैठक की अध्यक्षता श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति अध्यक्ष एवं कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने की। एसपी प्रदीप शर्मा सहित सभी विभागों के प्रमुख अधिकारी इसमें मौजूद थे। यूं मंदिर प्रबंध समिति में महापौर और विधायक पदेन सदस्य होते हैं। पर वह भी आमंत्रित नहीं थे।

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इस साल सावन में चार और भादौ मास में दो सवारियां निकलेगी। बैठक में तय किया कि भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी सावन के चार और भादौर के २ सोमवार को सभा मंडप में विधि-विधान से पूजन के बाद निर्धारित समय शाम ४ बजे शुरू होगी। इसका मार्ग परंपरागत ही रहेगा। चौड़ीकरण के चलते मार्ग बदलने की चर्चा थी लेकिन अब मार्ग महाकाल चौराहा, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी रामघाट रहेगा। क्षिप्रा तट पर पूजन के बाद सवारी रामानुजकोट, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, खाती समाज मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार, गुदरी बाजार होते हुए वापस मंदिर लौटेगी।

राजसी सवारी कंठाल से ही निकलेगी
राजसी सवारी 7 सितंबर को निकलेगी। ढाबा रोड पर आने के बाद यह टंकी चौराहा से मिर्जा नईमबेग, तेलीवाड़ा चौराहा, कंठाल, सतीगेट, सराफा, छत्री चौक से गोपाल मंदिर होते हुए मंदिर वापस आएगी। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी सभी सवारियों में जनजातीय सांस्कृतिक दलों की प्रस्तुतियां और विशेष थीम आधारित झांकियां शामिल की जाएंगी।

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प्रथम सवारी- सोमवार, 03 अगस्त

द्वितीय सवारी- सोमवार, 10 अगस्त

तृतीय सवारी- सोमवार, 17 अगस्त
(इस दिन नागपंचमी होने के कारण नागचंद्रेश्वर दर्शन भी होंगे इस कारण इस दिन की विशेष व्यवस्था के लिए अलग से बैठक होगी।)

चतुर्थ सवारी- सोमवार, 24 अगस्त

पंचम सवारी-सोमवार, 31 अगस्त

राजसी सवारी- सोमवार, 7 सितम्बर

बदलेगा भस्म आरती व पट खुलने के समय
भगवान श्री महाकालेश्वर मंदिर में सावन शुरू होने के साथ भस्मार्ती का समय भी बदल जाएगा। 30 जुलाई से 7 सितंबर तक तड़के 3 बजे पट खुलेंगे। सोमवार को भस्म आरती 2.30 से ४.३० बजे और अन्य दिन प्रात: 3 से 5 बजे तक होगी। 8 सितम्बर से पट खुलने का समय पूर्ववत हो जाएगा।

ऐसी रहेगी सावन-भादौ में दर्शन व्यवस्था
सामान्य दर्शन व्यवस्था- सामान्य श्रद्धालु त्रिवेणी संग्रहालय के पास से नंदी द्वार, श्री महाकाल महालोक, मानसरोवर भवन, फैसिलिटी सेंटर-1, टनल, कार्तिक मंडपम और गणेश मंडपम से होते हुए दर्शन करेंगे। नीलकंठ द्वार से आने वाले श्रद्धालु भी इसी मार्ग से जुड़ेंगे। दर्शन के बाद निर्माल्य द्वार या नए आपातकालीन निकास से बाहर भेजा जाएगा।

कावड़ यात्रियों के लिए 4 दिन व्यवस्था
सावन मास में आने वाले कावड़ यात्रियों को सप्ताह में 4 दिन (मंगलवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार) ही प्रवेश दिया जाएगा। कावड़ दल द्वार नंबर 1 और हरसिद्धि चौराहा के विशेष मार्ग से प्रवेश मिलेगा। शनिवार, रविवार और सोमवार को अत्यधिक भीड़ के कारण किसी भी कावड़ दल को अनुमति नहीं होगी।

शीघ्र दर्शन (गेट नंबर 1 और 5)

 रूट 1- हरसिद्धि चौराहा से बैरिकेड्स के रास्ते गेट नंबर 5, विश्रामधाम, सभा मंडपम और गणेश मंडपम।

रूट 2- गेट नंबर 1 से विश्रामधाम, सभा मंडपम और गणेश मंडपम होते हुए दर्शन।

अन्य व्यवस्थाएं और आवश्यक सुविधाएं

पार्किंग- वाहनों की पार्किंग के लिए महाकालेश्वर अन्नक्षेत्र के पास का रिक्त स्थान, मेघदूत वन पार्किंग, नीलकंठ पार्किंग, चारधाम पार्किंग, कर्कराज पार्किंग और कार्तिक मेला ग्राउंड पार्किंग स्थल तय किए गए हैं।

जूता स्टैंड- त्रिवेणी संग्रहालय के बाहर, महाकाल महालोक प्लाजा के पास, विक्रम टीला के समीप, गेट नंबर 1, हरसिद्धि चौराहा के सम्मुख, मानसरोवर भवन के सामने और नीलकंठ प्रवेश द्वार पर जूता स्टैंड बनाए जाएंगे।

सुगम दर्शन- श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन कराने के मकसद से प्रत्येक सवारी में पांच एलईडी रथ भी सम्मिलित किए जाएंगे।

आरती दर्शन- सभी आरतियों में कार्तिक मंडप की प्रथम तीन पंक्तियों से श्रद्धालुओं को चलित आरती दर्शन करवाए जाएंगे।

स्वास्थ्य और सुरक्षा- सवारी मार्ग पर 15 चिन्हित स्थानों पर मेडिकल टीमें तैनात रहेंगी और चौबीसों घंटे एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध रहेगी। पूरे मार्ग पर सीसीटीवी और पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए निगरानी रखी जाएगी। बैठक में सफाई बिजली व्यवस्था बेहतर रखने के निर्देश दिए।

यह अफसरों की मीटिंग थी
सावन भादौ में मंदिर में बेहतर व्यवस्था बनाने के मकसद से अधिकारियों के लिए मीटिंग रखी गई थी। जिसमें सवारी, दर्शन व्यवस्था आदि की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया है।
– प्रथम कौशिक प्रशासक श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंधक समिति

अब हमें बैठक मेें नहीं बुलाते

प्रबंध समिति में महापौर पदेन सदस्य होते हैं, पर लंबे समय से प्रबंध समिति के नाम से बैठक ही नहीं हो रही है। इस वजह से मुझे बुलाया ही नहीं जा रहा है।
मुकेश टटवाल, महापौर

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