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फर्जी आईडी, किराए की सिम और झूठे ऑफर देवास में साइबर गिरोह का पर्दाफाश

सात आरोपी गिरफ्तार, देश के अलग-अलग हिस्सों में 10 लाख की ठगी का खुलासा

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लोन, ऑनलाइन ट्रेडिंग और सस्ते मोबाइल लैपटॉप बेचने के नाम पर लोगों को फंसाया

अक्षरविश्व न्यूज देवास। सिम किसी के नाम पर, मोबाइल किसी और के हाथ में और ठगी का शिकार देश के अलग-अलग हिस्सों में बैठे लोग… देवास पुलिस ने ऐसे ही साइबर ठगी के नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपी अपने और दूसरे लोगों के नाम से सिम कार्ड लेकर उन्हें गिरोह के सदस्यों तक पहुंचाते थे। इन सिम के जरिए कभी लोन दिलाने, कभी ऑनलाइन ट्रेडिंग में मुनाफे और कभी सस्ते मोबाइल-लैपटॉप बेचने का झांसा देकर लोगों से रकम ऐंठी जा रही थी। पुलिस ने छह मामलों में करीब 10 लाख रुपए की ठगी का खुलासा किया है। गिरोह की परतें तब खुलीं, जब साइबर सेल भोपाल से देवास पुलिस को छह शिकायतों से जुड़े संदिग्ध मोबाइल नंबर और दस्तावेज मिले।

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पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एसपी पुनीत गेहलोद ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि साइबर सेल भोपाल से मिली छह शिकायतों और संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच के दौरान गिरोह का नेटवर्क सामने आया। मोबाइल नंबरों से जुड़े उपभोक्ताओं की जानकारी और तकनीकी जांच के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंची। पूछताछ में सामने आया कि गिरोह में सिम उपलब्ध कराने से लेकर फर्जी सोशल मीडिया आईडी के जरिए लोगों को ठगने तक अलग-अलग सदस्यों की भूमिका थी।

एक ने लोन के नाम पर, दूसरे ने ट्रेडिंग तो किसी ने सस्ते मोबाइल का झांसा दिया
पुलिस पूछताछ में आरोपी अजय परमार ने अपने नाम से छह सिम कार्ड का इस्तेमाल कर लोगों को लोन दिलाने के नाम पर ठगी करना बताया। नितिन बामनिया ने अपने नाम की दो सिम के अलावा अन्य लोगों की सिम अपने साथी विशाल को देने की बात कही। विशाल के जरिए ये सिम राजकुमार तक पहुंची। पुलिस के अनुसार राजकुमार और उसके गिरोह ने ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को विश्वास में लेकर ठगी की। इसी तरह आरोपी अजय बागवान ने अपने नाम से 5-6 सिम कार्ड तथा अन्य लोगों की सिम अपने साथी अभिषेक कुमावत को देने की बात बताई। पुलिस के मुताबिक अभिषेक ने अंकित कुमावत के साथ मिलकर इंस्टाग्राम पर फर्जी आईडी बनाई और सस्ते दामों में मोबाइल व लैपटॉप बेचने का झांसा देकर लोगों से रकम ठगी।

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दिल्ली में 398 सिम जब्त हो चुकी
जांच में सामने आया कि इसी गिरोह से जुड़े लोगों के कब्जे से दिल्ली सायबर क्राइम पुलिस पहले अलग-अलग कंपनियों की 398 सिम कार्ड जब्त कर चुकी है। इस संबंध में वर्ष 2025 में दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट थाने में प्रकरण दर्ज किया गया था। पुलिस अब आरोपियों को रिमांड पर लेकर गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और पूर्व की वारदातों के संबंध में पूछताछ कर रही है। औद्योगिक क्षेत्र थाने में आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। आरोपियों के कब्जे से ठगी में प्रयुक्त मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

सात आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें अजय पिता रामप्रसाद परमार उम्र 35 वर्ष निवासी अमृत पार्क मल्हार रोड देवास, अजय पिता बन्नूलाल बागवान उम्र 32 वर्ष निवासी ग्राम खजूरिया तहसील तराना जिला उज्जैन, नितिन पिता विष्णु प्रसाद बामनिया उम्र 19 वर्ष निवासी ग्राम एनाबाद तहसील सोनकच्छ , अभिषेक पिता कमल कुमावत उम्र 22 वर्ष निवासी ग्राम खजूरिया तहसील तराना, विशाल पिता मेहरबान सिंह गौड़ उम्र 21 वर्ष निवासी ग्राम एनाबाद तहसील सोनकच्छ, राजकुमार उर्फ छोटू पिता नर्बत सिंह गौड़ उम्र 21 वर्ष निवासी ग्राम एनाबाद तहसील सोनकच्छ, अंकित पिता संतोष कुमावत उम्र 23 वर्ष निवासी ग्राम खजूरिया तहसील तराना जिला उज्जैन है।

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