PM मोदी बोले- दुनिया भारत पर करती है भरोसा, हमने शून्य दिया लेकिन रॉयल्टी नहीं मांगी

ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में भारत की ताकत का किया जिक्र, डिजिटल क्रांति से लेकर वैक्सीन सप्लाई और आर्थिक सुधारों तक गिनाईं उपलब्धियां
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि सस्ती दवाओं से लेकर प्रतिभा तक, दुनिया भारत पर भरोसा करती है। भारत ने दुनिया को शून्य दिया, लेकिन कभी इसका श्रेय या रॉयल्टी नहीं मांगी। उन्होंने कहा कि भारत की असली ताकत दूसरों के लिए अवसर पैदा करने, देशों को जोड़ने और पूरी मानवता के कल्याण में योगदान देने में है।
प्रधानमंत्री मोदी दिल्ली में पहली बार आयोजित हो रहे ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में बोल रहे थे। अपने करीब 25 मिनट के संबोधन में उन्होंने डिजिटल तकनीक, कोविड वैक्सीन की आपूर्ति, आर्थिक सुधारों और वैश्विक चुनौतियों से निपटने में भारत की भूमिका पर बात की। तीन दिवसीय कार्यक्रम 15 अक्टूबर को समाप्त होगा। इस वर्ष फोरम की थीम ‘बदलती दुनिया में ताकत के नए स्रोत तय करना’ है।
PM मोदी की स्पीच की 8 बड़ी बातें
1. दूसरों को सक्षम बनाना भारत की ताकत
प्रधानमंत्री ने कहा कि ज्ञान, धन और शक्ति का महत्व इस बात से तय होता है कि उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य के लिए किया जाता है। भारत दूसरों के लिए अवसर पैदा करने और विभिन्न देशों को साथ लेकर चलने में विश्वास रखता है।
2. 100 से ज्यादा देशों तक पहुंचाई वैक्सीन
मोदी ने कोविड महामारी का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने 100 से अधिक देशों तक वैक्सीन पहुंचाई। भारत अपनी तकनीकी और वैज्ञानिक क्षमताओं का इस्तेमाल पूरी मानवता के लाभ के लिए करना चाहता है।
3. AI और सप्लाई चेन बन रहे ताकत के साधन
प्रधानमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में सप्लाई चेन, ऊर्जा, खनिज और तकनीक भी देशों के बीच दबाव बनाने के साधन बन रहे हैं। ऐसे समय में दुनिया को भरोसेमंद साझेदारों की जरूरत है।
4. 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने का दावा
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य लोगों को आत्मनिर्भर बनाना और अपने पैरों पर खड़ा करना है। उनके मुताबिक, पिछले एक दशक में भारत में करीब 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। स्टार्टअप और उद्यमिता के अवसर अब छोटे शहरों तक पहुंच रहे हैं।
5. भारत की विकास दर 7.8% रहने का जिक्र
मोदी ने आर्थिक सुधारों का उल्लेख करते हुए 7.8 प्रतिशत की विकास दर और 700 अरब डॉलर से अधिक के विदेशी मुद्रा भंडार का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कारोबार को आसान बनाना और लगातार सुधार करना सरकार की प्रतिबद्धता है।
6. सस्ते मोबाइल डेटा से बढ़े अवसर
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद मोबाइल डेटा सस्ता होने से देश में डिजिटल पहुंच बढ़ी है। छोटे शहरों और कस्बों के विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई, जानकारी और रोजगार से जुड़े अवसरों तक पहुंच मिली है।
7. भ्रष्टाचार कम होने और पारदर्शिता बढ़ने की बात
मोदी ने कहा कि सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंच रहा है। इससे सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ी है और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में मदद मिली है।
8. भारत लोकतंत्र की जननी
प्रधानमंत्री ने भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि शासन का उद्देश्य केवल शक्ति का इस्तेमाल करना नहीं, बल्कि लोगों को सशक्त बनाना और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर देना है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की भूमिका पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन का मुख्य संदेश यह रहा कि भारत अपनी आर्थिक, तकनीकी और मानवीय क्षमताओं का इस्तेमाल साझा विकास के लिए करना चाहता है। उन्होंने कहा कि दुनिया को ऐसे देशों की जरूरत है जो भरोसेमंद साझेदार बनें और वैश्विक चुनौतियों का मिलकर समाधान निकालें।









