Popup Image
Advertisement

भाजपा नेताओं को चुनाव से पहले प्रभारी की नसीहत

खुमारी से बाहर निकलो, कागजों पर काम न करो

Advertisement

अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन:लोकसभा चुनाव की राजनीतिक सरगर्मियां शहर में शुरू हो गई हैं। एक तरफ जहां कांग्रेस अपने उम्मीदवार की अभी तक घोषणा ही नहीं कर सकी है, वहीं भाजपा ने 37 चुनाव प्रबंधन समितियां बना ली हैं। भाजपा के प्रदेश प्रभारी सतीश उपाध्याय ने भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को नसीहत देते हुए कहा अभी आप लोग जीत की खुमारी से बाहर नहीं आए हो, कागजों पर काम मत करो।

चुनाव के लिए भाजपा के प्रदेश प्रभारी उपाध्याय ने पार्टी कार्यालय में वन टू वन सवाल जवाब भी किए। अधिकतर समिति प्रभारी जवाब नहीं दे सके। इस पर प्रदेश प्रभारी उपाध्याय ने कहा अभी आप लोग जीत की खुमारी से बाहर नहीं निकल पाए हो। मैदानी स्तर पर कार्यकर्ताओं को काम करने की जरूरत है। मंच पर बैठे पदाधिकारियों को भी उन्होंने नहीं बक्शा, उनकी ओर मुखातिब होकर बोले जो लोग घर बैठे हैं, उनसे भी काम लो।

Advertisement

मतगणना होने तक की सौंपी जिम्मेदारी

लोकसभा सीट के पार्टी संयोजक डॉ. तेजबहादुरसिंह चौहान के माध्यम से 37 समितियां बनाई गईं, जिसमें मतगणना होने तक जिम्मेदारी बांट दी गई। उम्मीदवार प्रभारी मदन सांखला, ओम अग्रवाल और राजेश धाकड़ बनाए गए हैं। घोषणा पत्र प्रभारी महापौर मुकेश टटवाल, रूप पमनानी, संजय मेहता और राजेश कुशवाह बनाए गए हैं। कांग्रेस छोड़ भाजपा में आए एडवोकेट विवेक गुप्ता को न्यायिक प्रक्रिया संबंधी और चुनाव आयोग से समन्वय समिति में कपिल कटारिया और मनीष श्रीवास्तव के साथ शामिल किया गया है।

Advertisement

नसीहत के ये तीन पल

1.सभी काम तुम ही कैसे करोगे- बूथ स्तर की कार्य समिति के एक प्रभारी सवालों के जवाब नहीं दे सके। प्रभारी के पास पांच समितियों की जिम्मेदारी होने की बात पता चली तो बोले इतने काम तुम कैसे करोगे। पदाधिकारियों को संकेत में कहा जिनके पास कोई पद नहीं उनको भी काम दीजिए।

2.ढाई या तीन लाख- प्रदेश प्रभारी ने देवास का एक उदाहरण बताया, कहा वहां मंडल अध्यक्ष ने योजनाओं के लाभार्थियों की संख्या दो ढाई लाख बताई जबकि विधायक ने तीन लाख। बोले यह स्थिति ठीक नहीं, जानकारी सही होना चाहिए, कागजों पर काम करने की आदत छोड़ दो।

3.दस्तावेज क्या होते हैं- प्रभारी ने एक महिला कार्यकर्ता को खड़ा किया और पूछा प्रलेखीकरण के दस्तावेज क्या होते हैं? वह भी जवाब नहीं दे सकी और बगलें झांकने लगी। इस पर प्रभारी ने कहा यह स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने कहा लोकसभा चुनाव जीतना है तो मेहनत करनी पड़ेगी।

Related Articles

📢 पूरी खबर पढ़ने के लिए

बेहतर अनुभव के लिए ऐप का उपयोग करें

ऐप में पढ़ें
ऐप खोलें
ब्राउज़र में जारी रखें