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हे महाकाल…सिक्योरिटी गार्ड्स को सद्बुद्धि दो, श्रद्धालुओं से कर रहे अभद्रता, पहुंचा रहे नुकसान

रीवा के बच्चों से कैमरा छीनकर जमीन पर पटका और थाने में बैठा दिया

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अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन:देश भर के श्रद्धालु आस्था और श्रद्धा लेकर भगवान महाकालेश्वर की एक झलक पाकर अपना जीवन धन्य करने के उद्देश्य से शहर में आते हैं लेकिन यहां उनके साथ सिक्योरिटी गार्ड्स द्वारा किये जाने वाले अभद्र व्यवहार से अच्छी यादें तो नहीं मिलती बल्कि दुखी होकर कहते हैं अब कभी उज्जैन नहीं आएंगे। भगवान महाकाल भी इन गाड्र्स को सद््बुद्धि नहीं दे रहे फिर मंदिर प्रशासक और सुरक्षा एजेंसी के सुपरवाइजर की तो बात ही अलग है।

यह हुआ सुबह बच्चों के साथ:

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सोयम पटेल पिता जितेन्द्र 17 वर्ष निवासी रीवा अपने दोस्त शुभम पटेल, रीतिक पटेल, शिवेन्द्र के साथ सुबह भोपाल पैसेंजर ट्रेन से उज्जैन आया। स्टेशन से सीधे नदी गये और रामघाट पर स्नान के बाद महाकाल लोक देखने व मंदिर दर्शन करने पहुंचे। शुभम पटेल ने बताया कि उनके पास सवा लाख रुपये कीमत का कैमरा और मोबाइल था। सभी दोस्त महाकाल लोक में घूम रहे थे लेकिन मोबाइल या कैमरे का उपयोग नहीं कर रहे थे।

उसी दौरान सुनील कुशवाह नामक सिक्योरिटी गार्ड उनके पास आया और कहने लगा महाकाल लोक व महाकाल मंदिर में कैमरा व एंड्रायड मोबाइल ले जाना प्रतिबंधित है। शुभम ने उसे जवाब दिया कि इसकी जानकारी हमें नहीं थी, इस सामान को कहां जमा करना है बता दें। इस पर गार्ड ने शुभम के हाथ से कैमरा छीना, शुभम कैमरा उसे नहीं देना चाहता था लेकिन गार्ड द्वारा जबरन छीनने के दौरान कैमरा जमीन पर गिरा और उसका 27 हजार रुपये का लैंस टूट गया। दुखी होकर शुभम ने गार्ड से कहा आपकी गलती से कैमरा टूटा और नुकसान हुआ है इसकी भरपाई करना पड़ेगी। तो गार्ड अभद्रता व विवाद पर उतरा व अन्य गार्ड्स की मदद से चारों बच्चों को मंदिर समिति कार्यालय ले गया।

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हम श्रद्धालुओं को परेशान नहीं करते

थाने पर बैठे बच्चों के संबंध में थाना प्रभारी अजय कुमार वर्मा से चर्चा की गई तो उनका कहना था कि सिक्योरिटी गार्ड भले ही किसी को पकड़कर थाने छोड़ जाएं लेकिन पुलिस द्वारा गंभीरता से जांच व पकड़ाए व्यक्ति का पक्ष सुनकर यदि वह बेकसूर है तो उसे तुरंत छोड़ दिया जाता है। किसी भी श्रद्धालु को थाने में बैठाकर परेशान नहीं किया जाता, लेकिन मंदिर समिति को सिक्योरिटी गाड्र्स की भूमिका जांच करना चाहिये।

हर बार श्रद्धालु व पुलिसकर्मी होते परेशान

महाकालेश्वर मंदिर में सिक्युरिटी के नाम पर श्रद्धालुओं से अभद्रता व नुकसान करने वाले गार्ड्स हर बार दर्शनार्थियों को पकड़कर थाने लाकर छोड़ देते हैं। उनकी जांच या आगे की कार्रवाई के लिये पुलिसकर्मी परेशान होते हैं। जब दर्शनार्थी पुलिस को सच्चाई बताते हैं तो पुलिस अफसर मानवता दिखाते हैं, लेकिन असभ्यता करने वाले गाड्र्स पर न तो मंदिर प्रशास या सिक्यूरिटी इंचार्ज द्वारा कोई कार्रवाई की जाती है। रीवा के बच्चों के साथ सुबह हुए घटनाक्रम के संबंध में महाकाल मंदिर प्रशासन संदीप सोनी से दूरभाष क्रमांक 9826023539 पर कई बार संपर्क का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।

आवेदन देकर कर दी थाने में शिकायत

शुभम, सोयम पटेल ने बताया कि सिक्युरिटी गार्ड के साथ हम लोग महाकाल थाने गये। हम लोग अपनी ओर से उसके खिलाफ शिकायत करने वाले थे लेकिन पुलिस को गार्ड ने शिकायती आवेदन देकर हमारी गलती बताई और थाने में छोड़कर चला गया। करीब डेढ़ घंटे से थाने में बैठे हैं। पुलिस ने शुभम को कमरे में बैठाया। तीन दोस्त परिसर में बैठे परेशान हो रहे थे।

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