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वीडी मार्केट का हिस्सा भी गोवर्धन सागर पर हुए अतिक्रमण की चपेट में

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल का फैसला, अतिक्रमण हटाएं

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। गोवर्धन सागर का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने इस सागर से अतिक्रमण व कब्जे हटाने को लेकर फैसला सुनाते हुए आदेश जारी कर दिया है।

गोवर्धन सागर को लेकर पिछले कई वर्षों से विवाद चल रहा है। यहां हो रहे कब्जों को लेकर साधु संत तो सडक़ पर उतरकर आंदोलन कर चुके थे। गोवर्धन सागर के आसपास कई लोगों ने कब्जे कर रखे हैं। कुछ के तो पक्के मकान बने हुए हैं। खास बात यह है कि वीडी मार्केट के पीछे का हिस्सा भी अतिक्रमण की चपेट में बताया जा रहा है। उसे भी एनजीटी के निर्णय के बाद हटाया जाएगा। इतना ही नहीं पूर्व में जहां निर्मल सागर टॉकीज था उसके पीछे की गली से सटी हुई जमीन भी गोवर्धन सागर की नपती में आ गई है। इसे भी हटाया जाएगा। इस फैसले के बाद अब जिला प्रशासन को कार्रवाई करना है। बताया जाता है कि एनजीटी की रिपोर्ट आते ही वीडी मार्केट और बुधवारिया क्षेत्र में हलचल मची हुई है। अब देखना है कि प्रशासन किए गए अतिक्रमण कितने दिन में हटाता है।

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गोवर्धन सागर हमेशा सुर्खियों में रहा

गोवर्धन सागर सप्त सागरों में एक है। पुराणों में इस सागर का उल्लेख किया गया है। अधिकमास में महिलाएं यहां पूजन अर्चन करने आती हैं और मालपुए का भोग लगाती हैं। बावजूद इसके कुछ लोगों ने इस सागर को अपनी मल्कियत बताया। उनका कहना था कि यह सागर हमारा है। इस बात को लेकर कई धड़े हुए। इन धड़ों में विवाद हुए और नौबत मारपीट तक की आ गई। इसी बीच वीडी मार्केट अस्तित्व में आ गया। तत्कालीन समय में इस मार्केट के निर्माण का भी जबरदस्त विरोध हुआ लेकिन कुछ नहीं हुआ। इधर गोवर्धन सागर की जमीन पर अस्पताल बना, कुछ लोगों के कार्यालय बने, दुकानें बनी और मकान बन गए।

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