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उज्जैन:पुलिस ने 6 युवकों को पिस्टल, कट्टा, कारतूस के साथ पकड़ा

पकड़ाए युवकों के परिजनों ने नीलगंगा पुलिस पर लगाया आरोप

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युवकों को पकड़कर आम्र्स एक्ट का केस बनाया

उज्जैन। नीलगंगा पुलिस ने 6 युवकों को पिस्टल, कट्टा, कारतूस के साथ वाकणकर ब्रिज के पास से गिरफ्तार कर उनके खिलाफ आम्र्स एक्ट का प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि उक्त युवकों को ब्रिज के पास से घेराबंदी कर पकड़ा जबकि पकड़ाये युवकों के परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि घरों से पुलिस लेकर गई और कट्टे पिस्टल रखकर केस बनाया है।

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नीलगंगा पुलिस ने बताया कि अबरार पिता इब्राहिम खान निवासी ताजपुर, राहुल सिंह पंवार पिता रूपसिंह निवासी ताजपुर, शिवराज सिंह पिता गजराज निवासी उमरिया जांगीर थाना घट्टिया, तेजू जायसवाल पिता हीरालाल निवासी ताजपुर, विशाल पिता मुकेश माली निवासी ताजपुर, खाजू खां पिता नन्हे खां निवासी ताजपुर को वाकणकर ब्रिज के पास से एक रिवाल्वर, 3 कट्टे, दो जिंदा कारतूस, 12 बोर के 4 कारतूस, टामी, दो चाकू और 4 मोबाइल के साथ गिरफ्तार किया है। उक्त युवक कहीं से पार्टी मनाकर हथियारों के साथ लौट रहे थे। उन्हें चैकिंग के दौरान पकड़ा और तलाशी में हथियार व अन्य सामान जब्त किया।

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यह है परिजनों की कहानी
युवकों के परिजनों ने बताया कि पुलिस ने अलग-अलग जगहों से युवकों को हिरासत में लिया और सभी को थाने लाकर आम्र्स एक्ट का प्रकरण दर्ज किया है। शिवराज सिंह के परिजनों का कहना था कि उसकी उमरिया जांगीर में 400 बीघा जमीन है। परिवार के साथ रहता है और खेती करता है। पुलिस ने उसे क्यों गिरफ्तार किया यह भी नहीं बताया जा रहा और न ही उससे मिलने दिया जा रहा है।

लॉकअप में फोटो खींच रहे युवक पर केस
पुलिस की कहानी के अनुसार हथियारों के साथ गिरफ्त में आये युवकों को नीलगंगा थाने की लॉकअप में रखा है। यहां देर रात 1.45 बजे रिषभ बामेर पिता मनोज निवासी डिवाइन सिटी स्वयं को मीडियाकर्मी बताकर लॉकअप में बंद युवकों के मोबाइल से फोटो खींच रहा था। पुलिस ने उसे रोका तो विवाद किया। हेडकांस्टेबल राहुल कुशवाह की रिपोर्ट पर रिषभ के खिलाफ पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा का प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार किया।

तेजनकर अस्पताल विवाद के आरोपियों को नहीं पकड़ सके
रविवार शाम तेजनकर अस्पताल में भर्ती शाजापुर की महिला पेशेंट के साथ तेजनकर अस्पताल के वार्डबाय दशरथ और रोहित ने मारपीट की थी। मामले में महिला के परिजन योगेन्द्र सिंह की रिपोर्ट पर वार्ड बाय के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया लेकिन उनकी गिरफ्तारी नहीं की। थाने में हेडकांस्टेबल का काम कर रहे एएसआई ने बताया कि पुलिस के पास आरोपियों को पकडऩे का अभी समय नहीं है। टाईम मिलने पर गिरफ्तार करेंगे।

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