इंदौर की बसों मेें रेस, नतीजा दुर्घटना देर रात दो गो वंश की ले ली जान

5 मिनट में बस रवाना करने का नियम, एक समय में दो बसें आने पर होती है रेस

200 से अधिक बसेें दौड़ रहीं, नियम का पालन नहीं होता
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। इंदौर रोड पर जरूरत से ज्यादा बसें होने के कारण बसों में रेस लगती है और आए दिन दुर्घटना होती हैं। सोमवार रात तेज गति से दौड़ रही शुक्ला ब्रदर्स की एक बस ने दो गोवंश की जान ले ली। हादसे के बाद बस भी आग मेें स्वाहा हो गई। सूत्रों का कहना है कि आक्रोशित लोगों ने बस को जला दिया जबकि पुलिस के मुताबिक शार्ट सर्किट से बस में आग लगी है।
बीती रात इंदौर से उज्जैन आ रही शुक्ला ब्रदर्स की तेज रफ्तार बस ने पंथपिपलई पर ढाबे के सामने दो गौवंश को टक्कर मार दी जिससे दोनों की मृत्यु हो गई। दुर्घटना होते ही यात्री बस से उतरकर भागे और ग्रामीणों ने बस में आग लगा दी। नानाखेड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और आग बुझाई। पुलिस ने मामले में ईश्वर सिंह पिता आत्माराम निवासी पंथपिपलई की रिपोर्ट पर बस चालक के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि बस में शार्ट सर्किट के कारण आग लगी थी।
प्रतिदिन उज्जैन-इंदौर के बीच बसों से हजारों की संख्या में लोग आवागमन करते हैं। इस मार्ग पर जिले भर से 200 से अधिक यात्री बसें संचालित हो रही हैं। इन बसों में नानाखेड़ा से इंदौर तक रेस लगती है। इस कारण अकसर दुर्घटनाएं होती हैं और यात्रियों की जान पर बन आती है। इस रेस को आज तक पुलिस, आरटीओ कोई नहीं रोक पाया।
उज्जैन सहित जिले के महिदपुर, नीमच, मंदसौर, नलखेड़ा, माकड़ोन, बडऩगर सहित अन्य स्थानों इंदौर के लिये 200 से अधिक यात्री बसें संचालित हो रही हैं। सभी बसें नानाखेड़ा बस स्टेण्ड पर पहुंचती हैं। यहां से यात्रियों को बस में बैठाने के बाद इंदौर के लिये रवाना होती हैं। आरटीओ द्वारा बसों के परमिट इस तरह जारी किए गए है कि एक बस को नानाखेड़ा स्टैंड पर तकरीबन 5 मिनट का ही स्टॉप है। इसके बाद अगली बस का समय शुरू हो जाता है। ऐसे में अकसर यह स्थिति बनती है कि एक समय में एक से अधिक बसें नानाखेड़ा स्टैंड से रवाना होती हैं और रास्ते से मिलने वाली सवारी के लिए इनमेें रेस शुरू हो जाती है।









