सरकारी जमीन पर गिद्ध दृष्टि और अवैध कॉलोनियों पर बुल्डोजर तय: कलेक्टर

टीएल बैठक में लापरवाही पर गुस्सा, आईडीए अफसरों की जेब कटी, थमाया नोटिस
अक्षरविश्व न्यूज इंदौर। शासकीय जमीनों को हड़पने की फिराक में बैठे भू-माफियाओं और कुकुरमुत्ते की तरह पनप रहीं अवैध कॉलोनियों पर अब जिला प्रशासन का चाबुक और बेरहमी से चलेगा। कलेक्ट्रेट में सोमवार को आयोजित टीएल बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि सरकारी जमीन दबाने वालों और अवैध कॉलोनियां काटकर जनता को ठगने वालों के खिलाफ अब कोई मुरव्वत नहीं होगी। उन्होंने अभियान को पूरी ताकत से आगे बढ़ाने के फरमान जारी कर दिए हैं।
बैठक में कलेक्टर का सख्त रुख तब और मुखर हो गया जब उन्होंने सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों की औचक पड़ताल शुरू की। जनता की समस्याओं पर कुंडली मारकर बैठे इंदौर विकास प्राधिकरण के संपदा अधिकारी और संपदा अधिकारी वर्ग-2 की लापरवाही सामने आते ही उनका पांच दिन का वेतन काटने का फरमान सुना दिया गया। इसके अलावा अंत्यावसायी विकास निगम की सहायक ग्रेड-3 और कृषि कॉलेज के एल-1 अधिकारी को नोटिस थमाए गए हैं, जबकि राशन कार्ड और नामांतरण के मामलों में खेल करने वालों पर सीधे जांच बैठा दी गई है। कलेक्टर ने दो-टूक कहा कि दफ्तरों के चक्कर काटते आम आदमी को टरकाने की आदत अब अफसरों को भारी पड़ेगी। जनता की सुनवाई में हीलाहवाली अब सीधे निलंबन और विभागीय जांच का रास्ता तय करेगी।
आग से खिलवाड़ नहीं चलेगा
शहर में हाल ही में हुए अग्निकांडों के बाद प्रशासन अब कोई ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। कलेक्टर ने संवेदनशील और सार्वजनिक स्थलों पर फायर सेफ्टी ऑडिट के कड़े आदेश देते हुए कहा कि जहां भी आग से बचाव के पुख्ता इंतजाम नदारद मिले, वहां नोटिस का इंतजार किए बिना सीधे दंडात्मक कानूनी कार्रवाई ठोकी जाए।









