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कोचिंग सेंटर के लिए गाइडलाइन, 90 दिन में रजिस्ट्रेशन जरूरी

फीस ऑनलाइन करनी होगी, आपराधिक रिकॉर्ड चेक होगा

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भोपाल। मप्र में कोचिंग सेंटरों के संचालन, फीस में पारदर्शिता और विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए नए नियम तय किए गए हैं। उच्च शिक्षा विभाग ने मप्र कोचिंग केंद्र नियम-2026 का नोटिफिकेशन जारी किया है। कोचिंग सेंटरों को 90 दिन में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा।

पंजीयन वैधता 3 साल होगी। एक संस्थान की हर ब्रांच अलग-अलग कोचिंग सेंटर मानी जाएगी। नए नियम में हॉस्टल में सीलिंग फैन प्रतिबंधित किया गया है।

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कोचिंग संस्थानों को वेबसाइट पर फीस का पूरा ब्योरा, शिक्षकों की योग्यता, पिछले 5 साल के परीक्षा परिणामसार्वजनिक करने होंगे। शिक्षकों की न्यूनतम योग्यता स्नातक रखी गई है। आपराधिक रिकॉर्ड वाले स्टाफ की नियुक्ति पर प्रतिबंध रहेंगे।

काउंसिलिंग: मानसिक स्वास्थ्य और करियर काउंसिलिंग के लिए काउंसलर रखने होंगे। टेली मानस (14416), उमंग (1800-11-5246), चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 प्रदर्शित करने होंगे।

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सुविधाएं: कोचिंग सेंटरों में बैठने की व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, नियमित साफ-सफाई, प्राथमिक उपचार और अग्निशामक उपकरण जरूरी होंगे। विजिटर्स का रिकॉर्ड रखना।

मॉनीटरिंग: कलेक्टर की अध्यक्षता में निगरानी समिति बनेगी। यह कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण करेगी।

सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य छतों पर जाना प्रतिबंधित
कोचिंग सेंटर्स में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य किए गए हैं। शौचालय, चेंजिंग रूम जैसे स्थानों पर इन्हें नहीं लगाया जाएगा। प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मियों की व्यवस्था करनी होगी। छात्र- छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय जरूरी हैं। हॉस्टल्स में सीलिंग फैन लगाना और छतों या बालकनियों तक पहुंच को प्रतिबंधित किया गया है।

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