विद्योत्तमा हॉस्टल में लाइट, सुरक्षा और भोजन को लेकर छात्राओं ने खोला मोर्चा

धरने पर बैठीं, चीफ वार्डन की समझाइश पर मानीं
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के विद्योत्तमा हॉस्टल में लाइट,सुरक्षा और भोजन को लेकर शनिवार को छात्राओं ने मोर्चा खोल दिया। वे धरने पर बैठ गईं। चीफ वार्डन डॉ. गणपति अहिरवार ने शुक्रवार रात और शनिवार की दोपहर छात्राओं से बात की। कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज ने कहा कि छात्राओं को मना लिया गया है। उनकी समस्याओं का जल्दी ही निदान किया जाएगा।
विद्योत्तमा हॉस्टल में परेशानी लाइट ने खड़ी की थी। दरअसल, यहां शुक्रवार-शनिवार को एचटी लाइन के तार बदलकर केबलिंग की जा रही है। इसके लिए पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने परमिट ले रखा है। इसके तहत सुबह ९ से शाम ५ बजे तक बिजली बंद रखी जानी थी। काम लंबा खींचने से तय समय से ज्यादा तक बिजली बंद रही।
इससे ही छात्राओं का आक्रोश फूट पड़ा। छात्राओं का आरोप है कि हॉस्टल में 26 घंटे तक लाइट नहीं थी। इस वजह से मोटर नहीं चली और पानी नहीं भर सका। कुछ छात्राएं मैस की व्यवस्था से भी परेशान थीं। हालांकि चीफ वार्डन डॉ. गणपत अहिरवार ने शुक्रवार रात और शनिवार दोपहर छात्राओं से मुलाकात की और उनकी समस्या समझी। उन्होंने कहा कि छात्राओं की समस्या का निदान जल्दी ही कर दिया जाएगा।
पूरे कैंपस की लाइट बंद थी
पूरे कैंपस की लाइट बंद थी। छात्राएं इससे नाराज थीं, उन्हें विद्युत कंपनी के काम की जानकारी नहीं थी। कुछ छात्राओं ने मैस इंचार्ज के व्यवहार पर रोष जताया था। मामला सुलझा लिया है।
-डॉ. गणपत अहिरवार
चीफ वार्डन
चीफ वार्डन ने समझाया है
चीफ वार्डन ने समस्या का निदान कर दिया है। वे शुक्रवार रात और शनिवार की दोपहर हॉस्टल गए थे।
-प्रो. अर्पण भारद्वाज, कुलगुरु









