शिवालिक बैंक मैनेजर ने की लोन राशि में हेराफेरी

उज्जैन। बैंक मैनेजर ने होम लोन की राशि में हेराफेरी कर लोन लेने वाले और मकान खरीदने वाले व्यक्ति के साथ लाखों की धोखाधड़ी की। कलेक्टर ने शिकायत मिलने पर मामले की जांच कराई। एसपी को बैंक मैनेजर के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र लिखा इसके बाद नीलगंगा थाना पुलिस ने केस दर्ज किया।

एसआई मनोहर बड़ोदिया ने बताया विजेंद्र पिता प्रेमनारायण पंवार निवासी सार्थक नगर ने 2019 में समीर कुमार से सार्थक नगर में मकान खरीदा था। मकान पर शिवालिक मर्केंटाइल को ऑपरेटिव बैंक का लोन बकाया था।
इसे फोर्स क्लोज करने के लिए विजेंद्र ने एचडीएफसी बैंक से लोन लिया और शिवालिक बैंक को 12 लाख 82 हजार रुपए व नकद राशि से भुगतान किया। तत्कालीन बैंक मैनेजर स्वप्नेश कुलकर्णी ने उक्त राशि का समायोजन समीर के दूसरे होमलोन में कर दिया। इससे समीर के दोनों होम लोन में राशि शेष रह गई और विजेंद्र द्वारा खरीदा मकान ऋण मुक्त नहीं हो पाया।
दोनों मकान कुर्क हो गए
एसआई बड़ोदिया ने बताया समीर कुमार को जानकारी होने के बाद भी विजेंद्र को धोखे में रखा। उधर शिवालिक बैंक ने मकान पर ताला लगाकर कुर्क कर दिया। विजेंद्र ने इसकी शिकायत कलेक्टर से की। कलेक्टर ने सहकारिता विभाग के अफसरों से जांच कराई और शिकायत सही पाए जाने पर एसपी को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा। पुलिस ने मामले में समीर कुमार और बैंक मैनेजर स्वपनेश कुलकर्णी को गिरफ्तार कर लिया।








